RAS प्रश्न
1734 का हुरड़ा (हुर्रा) सम्मेलन किसने बुलाया?
सही उत्तर: (B) जयपुर के सवाई जय सिंह द्वितीय।
1734 का हुरड़ा सम्मेलन जयपुर के सवाई जय सिंह द्वितीय ने बढ़ते मराठा खतरे के विरुद्ध राजपूत शासकों को एकजुट करने के लिए बुलाया था।
व्याख्या
हुरड़ा सम्मेलन 17 जुलाई 1734 को जयपुर के सवाई जय सिंह द्वितीय ने बुलाया था। इस सम्मेलन के मुख्य आयोजक जयपुर के सवाई जय सिंह द्वितीय थे। तेजी से फैलते मराठा प्रभुत्व और उत्तर की ओर छापों से राजपूत सरदारों में चिंता बढ़ी, इसलिए जय सिंह ने हुरड़ा में राजपूत शासकों का सम्मेलन बुलाया। मेवाड़, मारवाड़, कोटा, बूंदी और अन्य राज्यों के प्रतिनिधि इसमें आए, पर यह एकता लंबे समय तक नहीं टिक सकी। सम्मेलन का उद्देश्य मराठा दबाव के सामने राजपूत राज्यों की सामूहिक रणनीति बनाना था, न कि किसी एक राज्य का सामान्य दरबारी आयोजन।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) मेवाड़ के प्रतिनिधि सम्मेलन में शामिल पक्षों में थे, लेकिन सम्मेलन बुलाने वाले शासक जयपुर के सवाई जय सिंह द्वितीय थे।
- (C) मराठा पेशवा सम्मेलन का कारण बने मराठा दबाव से जुड़ा था; सम्मेलन मराठों ने नहीं, उनके बढ़ते प्रभाव के विरुद्ध राजपूत पक्ष ने बुलाया था।
- (D) मारवाड़ सम्मेलन से जुड़े राजपूत राज्यों में था, लेकिन आयोजन जयपुर के सवाई जय सिंह द्वितीय ने किया था।
अवधारणा
राजस्थान इतिहास में 18वीं सदी की राजपूत राजनीति और मराठा दबाव का संदर्भ RAS के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे प्रसंग क्षेत्रीय शक्तियों के आपसी संबंध और राजनीतिक असफलताओं को समझाते हैं।
