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RAS प्रश्न

होयसल मन्दिर मुख्य रूप से किससे बने हैं:

सही उत्तर: (B) क्लोराइट शिस्ट (सोपस्टोन)।

होयसल मंदिर मुख्य रूप से क्लोराइट शिस्ट, यानी सोपस्टोन, से बने हैं।

  1. (A)

    संगमरमर

  2. (B)

    क्लोराइट शिस्ट (सोपस्टोन)

  3. (C)

    ग्रेनाइट

  4. (D)

    लाल बलुआ पत्थर

व्याख्या

बेलूर, हलेबिडु और सोमनाथपुर के होयसल मंदिरों में मुख्य पत्थर क्लोराइट शिस्ट, यानी सोपस्टोन, है। कर्नाटक पर्यटन के अनुसार, बेलूर और हलेबिडु के मंदिर क्लोराइट शिस्ट नामक नरम पत्थर से काटे गए हैं और इसी से बहुत बारीक काम करना संभव हुआ। यह पत्थर खदान से निकलते समय नरम होता है और बाद में कठोर हो जाता है, इसलिए कारीगर दीवारों, स्तंभों और मूर्तियों पर अत्यंत जटिल नक्काशी कर सके। तारा-आकार की योजना और खराद पर बने स्तंभ इसी होयसल शैली की पहचान हैं।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) संगमरमर होयसल मंदिरों की मुख्य सामग्री नहीं है; यह बाद की राजपूत और मुगल वास्तुकला से अधिक जुड़ा है।
  • (C) ग्रेनाइट होयसल मंदिरों की मुख्य सामग्री नहीं है। इसे चोल और पल्लव स्थापत्य से जोड़ा जाता है, जबकि होयसल मंदिर मुख्य रूप से क्लोराइट शिस्ट से बने हैं।
  • (D) लाल बलुआ पत्थर बेलूर-हलेबिडु जैसे होयसल मंदिरों की मुख्य सामग्री नहीं है; बलुआ पत्थर उत्तर भारतीय मंदिरों में अधिक प्रयुक्त हुआ।

अवधारणा

मध्यकालीन भारतीय मंदिर स्थापत्य में क्षेत्रीय शैलियों और निर्माण-सामग्री की पहचान जरूरी है। RAS में होयसल शैली इसलिए बार-बार आती है, क्योंकि सामग्री, नक्काशी, तारा-आकार योजना और स्तंभों से शैलीगत पहचान सीधे पूछी जा सकती है।

स्रोत

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