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RAS प्रश्न

गुप्त काल को प्रायः 'भारत का स्वर्ण युग' कहा जाता है, मुख्य रूप से किसके कारण?

सही उत्तर: (C) कला, साहित्य, विज्ञान और दर्शन में असाधारण उपलब्धियाँ।

गुप्त काल को भारत का स्वर्ण युग मुख्य रूप से कला, साहित्य, विज्ञान और दर्शन में असाधारण उपलब्धियों के कारण कहा जाता है।

  1. (A)

    विशाल स्वर्ण भंडारों की खोज

  2. (B)

    प्रथम लोकतांत्रिक संस्थानों की स्थापना

  3. (C)

    कला, साहित्य, विज्ञान और दर्शन में असाधारण उपलब्धियाँ

  4. (D)

    संपूर्ण दक्षिण एशिया में फैला विशाल क्षेत्रीय विस्तार

व्याख्या

गुप्त काल को स्वर्ण युग कहना किसी वास्तविक स्वर्ण-भंडार से नहीं, बल्कि उसकी सांस्कृतिक उपलब्धियों से जुड़ा है। गुप्त काल अपनी सांस्कृतिक विरासत के कारण स्वर्ण युग कहलाता है; इस दौर में कला-स्थापत्य, भाषा और साहित्य में बड़ी उपलब्धियां सामने आईं। अजंता चित्रकला, कालिदास का साहित्य, आर्यभट का विज्ञान, शून्य की अवधारणा और दिल्ली का लौह स्तंभ इसी व्यापक सांस्कृतिक उन्नति के प्रमुख उदाहरण हैं। यह काल भारतीय सांस्कृतिक इतिहास में इसलिए अलग दिखता है क्योंकि कला, साहित्य, विज्ञान, गणित और धातुकर्म में असाधारण प्रगति दिखाई देती है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) “स्वर्ण युग” यहां सोने के बड़े भंडारों की खोज के लिए नहीं, बल्कि गुप्त काल की सांस्कृतिक उपलब्धियों के लिए प्रयुक्त है।
  • (B) पहले लोकतांत्रिक संस्थानों की स्थापना इसका कारण नहीं है, क्योंकि गुप्त काल की विशेषता कला, साहित्य और ज्ञान-विज्ञान की उपलब्धियों से जुड़ी है।
  • (D) गुप्त साम्राज्य ने पूरे दक्षिण एशिया को शामिल नहीं किया था, इसलिए स्वर्ण युग की संज्ञा विशाल अखिल-दक्षिण एशियाई विस्तार पर आधारित नहीं है।

अवधारणा

प्राचीन भारत के सांस्कृतिक इतिहास में गुप्त काल अपनी विशेष उपलब्धियों के कारण महत्वपूर्ण है। RAS में यह विषय इसलिए बार-बार आता है क्योंकि राजनीतिक वंशों के साथ कला, साहित्य और विज्ञान की उपलब्धियों को जोड़कर पूछा जाता है।

स्रोत

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