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RAS प्रश्न

गुप्त काल को 'भारत का स्वर्ण युग' कहा जाता है क्योंकि:

सही उत्तर: (D) विज्ञान, कला, साहित्य और दर्शन में अभूतपूर्व उपलब्धियाँ।

गुप्त काल को भारत का स्वर्ण युग इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस दौर में विज्ञान, कला, साहित्य और दर्शन में असाधारण उपलब्धियाँ हुईं।

  1. (A)

    केवल व्यापार

  2. (B)

    केवल सैन्य विजय

  3. (C)

    केवल धर्म

  4. (D)

    विज्ञान, कला, साहित्य और दर्शन में अभूतपूर्व उपलब्धियाँ

व्याख्या

गुप्त काल (320-550 ई.) की पहचान किसी एक उपलब्धि से नहीं, बल्कि व्यापक सांस्कृतिक और बौद्धिक उभार से बनती है। ईज्ञानकोश के गुप्त राजवंश अध्याय में इस युग को कला, विज्ञान और साहित्य के विशिष्ट विकास के कारण “शास्त्रीय काल” और “स्वर्ण युग” जैसे नामों से जोड़ा गया है। साहित्य में कालिदास के कार्य इस दौर को अलग पहचान देते हैं। विज्ञान में आर्यभट्ट का खगोल और गणित संबंधी योगदान, शून्य की अवधारणा और दशमलव प्रणाली का विकास उल्लेखनीय बताए गए हैं। नालंदा विश्वविद्यालय को भी गुप्त युग की बौद्धिक शक्ति का प्रमाण माना गया है। इसलिए सही कारण केवल व्यापार, सैन्य विजय या धर्म नहीं, बल्कि विज्ञान, कला, साहित्य और दर्शन की संयुक्त उपलब्धियाँ हैं।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) केवल व्यापार कहना बहुत संकीर्ण है, क्योंकि गुप्त काल की पहचान विज्ञान, कला, साहित्य और व्यापक बौद्धिक विकास से भी जुड़ी है।
  • (B) केवल सैन्य विजय सही कारण नहीं है, क्योंकि “स्वर्ण युग” की चर्चा गुप्तों की सैन्य शक्ति भर से नहीं, बल्कि विद्या और कलाओं के प्रसार से जुड़ी है।
  • (C) केवल धर्म कहना अधूरा है, क्योंकि धार्मिक साहित्य और कला के साथ-साथ कालिदास, आर्यभट्ट, शून्य, दशमलव प्रणाली और नालंदा जैसे गैर-धार्मिक बौद्धिक योगदान भी महत्त्वपूर्ण हैं।

अवधारणा

यह प्रश्न प्राचीन भारत के सांस्कृतिक इतिहास में गुप्त काल की उपलब्धियों की समझ जांचता है। RAS में यह बार-बार आता है क्योंकि परीक्षाएं किसी युग को एक कारण से नहीं, उसके साहित्य, विज्ञान, कला और विचार-परंपरा के संयुक्त प्रभाव से पहचानने की मांग करती हैं।

स्रोत

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