RAS प्रश्न
गुप्त भूमि कर कहलाता था:
सही उत्तर: (D) भाग।
गुप्त काल में भूमि कर का प्रमुख नाम भाग था, यानी किसान की उपज में राजा का हिस्सा।
व्याख्या
गुप्त अर्थव्यवस्था में कृषि मुख्य आधार थी, इसलिए राजकोष की सबसे बड़ी आय भूमि-राजस्व से आती थी। गुप्त शासकों के कर-तंत्र में भाग उपज के हिस्से वाला प्रमुख कर था। अनुपात पर कोई गुप्त अभिलेख सीधे नियम नहीं देता, लेकिन बैग्राम और पहाड़पुर ताम्रपत्रों में राजा को भूमि-दान से मिलने वाले धार्मिक पुण्य का 1/6 भाग मिलने की बात आती है; साथ ही शासक की उपाधि षड्भागभाजिन से पारंपरिक 1/6 हिस्से का संकेत माना गया है। भूमि कर के लिए भाग सही है। हिरण्य नकद रूप में दिया जाने वाला हिस्सा था, बलि भेंट/योगदान से जुड़ा था और विष्टि बेगार थी।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) कर सामान्य कर-शब्द है; गुप्त राजस्व में कर और उपरिकर का अलग उल्लेख मिलता है, पर भूमि कर का प्रमुख नाम भाग था।
- (B) बलि भूमि-उपज में राजा के हिस्से का नाम नहीं है; यह भेंट या योगदान से जुड़ा था।
- (C) हिरण्य भूमि कर का मुख्य नाम नहीं था; यह कुछ फसलों पर राजा के हिस्से का नकद भुगतान था।
अवधारणा
गुप्तकालीन राजस्व व्यवस्था में कृषि-आधारित करों की शब्दावली महत्वपूर्ण है। RAS में प्राचीन भारत की अर्थव्यवस्था से ऐसे शब्द बार-बार पूछे जाते हैं क्योंकि छोटे शब्दों से शासन, कृषि और राजकोष की समझ बनती है।
