RAS प्रश्न
गुप्त स्वर्ण मुद्राओं को कहा जाता था:
सही उत्तर: (C) दीनार।
गुप्त काल की स्वर्ण मुद्राओं को अभिलेखों में दीनार कहा गया है।
व्याख्या
गुप्त काल के स्वर्ण सिक्कों के लिए सही नाम दीनार है। प्राचीन भारत में गुप्त शासक सबसे अधिक स्वर्ण सिक्के जारी करने के लिए जाने जाते थे और उनके अभिलेखों में इन्हें दीनार कहा गया। इसी से विकल्प C पुष्ट होता है। दीनार नाम रोमन मुद्रा से प्रभावित था। गुप्त सिक्के केवल लेन-देन की वस्तु नहीं थे, बल्कि राजसत्ता और वैवाहिक-राजनीतिक गठबंधनों को दिखाने का माध्यम भी थे: चंद्रगुप्त I के चंद्रगुप्त-कुमारदेवी प्रकार के स्वर्ण सिक्के लिच्छवी गठबंधन बताते हैं, और समुद्रगुप्त के सिक्कों में उन्हें वीणा बजाते दिखाया गया है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) टंका सही नहीं है, क्योंकि यह गुप्त स्वर्ण मुद्रा का नाम नहीं था; टंका दिल्ली सल्तनत की रजत मुद्रा थी।
- (B) मोहर सही नहीं है, क्योंकि मोहर मुगल काल की स्वर्ण मुद्रा थी, गुप्त काल की नहीं।
- (D) निष्क सही नहीं है, क्योंकि निष्क वैदिक काल की स्वर्ण इकाई थी, जबकि गुप्त स्वर्ण सिक्कों को दीनार कहा गया।
अवधारणा
प्राचीन भारतीय इतिहास में गुप्तकालीन अर्थव्यवस्था और मुद्राशास्त्र की बुनियादी पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार आते हैं क्योंकि सिक्के राजनीतिक वैधता, व्यापार और शासकीय प्रतीकों के प्रमाण माने जाते हैं।
