RAS प्रश्न
पट्टडकल (कर्नाटक) का मन्दिर समूह किस वंश का है?
सही उत्तर: (B) बादामी के चालुक्य।
कर्नाटक के पट्टडकल का मंदिर-समूह बादामी के चालुक्य वंश से संबंधित है।
व्याख्या
पट्टडकल का महत्व इसलिए है कि यहां बादामी के चालुक्यों के काल में बने 10 मंदिरों का समूह मिलता है। ASI के अनुसार चालुक्य शासक कला के बड़े संरक्षक थे और उनके समय में चट्टान काटकर बने स्मारकों से संरचनात्मक मंदिरों की ओर बदलाव हुआ। पट्टडकल चालुक्य स्थापत्य गतिविधियों का प्रमुख केंद्र था, जहां मंदिर-निर्माण में नागर, रेखा-प्रसाद और द्रविड़ विमान जैसी शैलियों का मेल दिखाई देता है। इसी वजह से यह स्थल केवल किसी एक मंदिर का नाम नहीं, बल्कि चालुक्य स्थापत्य प्रयोग का उदाहरण है। विरूपाक्ष मंदिर को रानी लोकमहादेवी द्वारा विक्रमादित्य द्वितीय की पल्लवों पर विजय की स्मृति से जोड़ा जाता है, और यह स्थल UNESCO विश्व धरोहर भी है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) पल्लव विकल्प गलत है, क्योंकि पल्लवों से महाबलीपुरम और कांचीपुरम के मंदिर जुड़े हैं; पट्टडकल का समूह चालुक्य स्थापत्य गतिविधियों से संबंधित है।
- (C) राष्ट्रकूट विकल्प गलत है, क्योंकि राष्ट्रकूटों से एलोरा का कैलास मंदिर जोड़ा जाता है, जबकि पट्टडकल का मुख्य मंदिर-समूह बादामी चालुक्यों का है।
- (D) होयसल विकल्प गलत है, क्योंकि होयसल स्थापत्य के प्रमुख केंद्र बेलूर और हलेबीडु हैं, पट्टडकल नहीं।
अवधारणा
यह प्रश्न प्राचीन-मध्यकालीन भारत में राजवंशों और मंदिर स्थापत्य के संबंध को परखता है। RAS में ऐसे स्थल इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि राजवंश, स्थापत्य-शैली और विश्व धरोहर को एक साथ जोड़कर पूछा जा सकता है।
