RAS प्रश्न
राजस्थान का 'घूमर' नृत्य पारंपरिक रूप से किस समुदाय से जुड़ा है?
सही उत्तर: (C) भील जनजाति।
राजस्थान का घूमर नृत्य पारंपरिक रूप से भील जनजाति से जुड़ा है।
व्याख्या
घूमर राजस्थान का पारंपरिक लोक नृत्य है और राजस्थान पर्यटन विभाग इसकी शुरुआत भील जनजाति से जोड़ता है, जहां इसे देवी सरस्वती की पूजा के लिए किया जाता था। बाद में इसे राजपूत और अन्य राजस्थानी समुदायों ने अपनाया, इसलिए “उत्पत्ति/पारंपरिक जुड़ाव” और “बाद का सामाजिक प्रसार” अलग बातें हैं। यह नृत्य मुख्य रूप से घूंघट वाली महिलाओं द्वारा घाघरा पहनकर किया जाता है। इसमें नर्तकियां बड़े घेरे में भीतर-बाहर जाती हुई गोल घूमती हैं। इसी घूमने की गति से “घूमर” शब्द का आधार बनता है। इसलिए विकल्प C सही है: घूमर का मूल पारंपरिक संबंध भील जनजाति से है, बाद में अपनाने वाले समुदायों से नहीं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) मीणा जनजाति राजस्थान की प्रमुख जनजाति है, लेकिन घूमर की शुरुआत मीणा से नहीं, भील जनजाति से जुड़ती है।
- (B) राजपूत महिलाओं ने घूमर को बाद में अपनाया, इसलिए वे इस नृत्य के प्रसार से जुड़ती हैं, मूल पारंपरिक संबंध से नहीं।
- (D) कालबेलिया समुदाय अपने अलग लोकनृत्य से जुड़ा है; घूमर की शुरुआत भील जनजाति से जुड़ती है।
अवधारणा
राजस्थान की लोककलाओं में नृत्य और उनसे जुड़े समुदायों की पहचान महत्त्वपूर्ण है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि कला-संस्कृति में उत्पत्ति, समुदाय और प्रदर्शन-रूप को अलग-अलग समझना जरूरी होता है।
