RAS प्रश्न
गांधार कला विद्यालय किस विदेशी कला परंपरा से प्रभावित था?
सही उत्तर: (D) यूनानी-रोमन।
गांधार कला विद्यालय यूनानी-रोमन कला परंपरा से प्रभावित था।
व्याख्या
गांधार कला वर्तमान उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान और पूर्वी अफगानिस्तान के क्षेत्र में विकसित बौद्ध दृश्य कला की शैली थी। Britannica गांधार कला को यूनानी-रोमन मूल की शैली मानता है और गांधार क्षेत्र लंबे समय तक सांस्कृतिक प्रभावों का संगम रहा। इसी पृष्ठभूमि में बौद्ध विषयों को दिखाते समय गांधार कला ने शास्त्रीय रोमन कला के कई रूपांकनों और तकनीकों को अपनाया, हालांकि मूल प्रतिमा-विधान भारतीय रहा। गांधार कला पर विदेशी प्रभाव की प्रमुख परंपरा इसलिए यूनानी-रोमन है। बुद्ध की अपोलो जैसी मुखाकृति और रोमन शाही प्रतिमाओं जैसे वस्त्र भी इसी प्रभाव से जुड़े माने जाते हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) फ़ारसी प्रभाव मौर्य कला से अधिक जुड़ा है, गांधार कला की विशिष्ट विदेशी परंपरा से नहीं।
- (B) मिस्री कला भारतीय कला, विशेषकर गांधार शैली, पर महत्वपूर्ण प्रभाव के रूप में नहीं मानी जाती।
- (C) चीनी प्रभाव भारतीय कला पर बाद का प्रभाव माना जाता है, इसलिए गांधार शैली की पहचान इससे नहीं बनती।
अवधारणा
यह प्रश्न प्राचीन भारतीय कला में बाहरी सांस्कृतिक प्रभावों और बौद्ध प्रतिमा-विकास की समझ जांचता है। RAS में गांधार, मथुरा और मौर्य कला जैसे अंतर अक्सर पूछे जाते हैं क्योंकि इन्हीं से कला-इतिहास की बुनियादी तुलना बनती है।
