RAS प्रश्न
सरकार के राजकोषीय घाटे से क्या आशय है?
सही उत्तर: (A) उधार को छोड़कर कुल व्यय घटा कुल प्राप्तियाँ।
सरकार का राजकोषीय घाटा कुल व्यय और कुल प्राप्तियों के अंतर को बताता है, जिसमें उधारी को प्राप्तियों में नहीं गिना जाता।
व्याख्या
राजकोषीय घाटे का सीधा सूत्र है: कुल व्यय - कुल प्राप्तियाँ, लेकिन कुल प्राप्तियों में उधारी शामिल नहीं होती। इसलिए यह बताता है कि सरकार के अपने कर, गैर-कर और अन्य गैर-उधार स्रोत उसके खर्च को पूरा करने के लिए कितने कम पड़ रहे हैं। लेखा महानियंत्रक के विवरण में भी इसे सरकार के कुल व्यय और कुल प्राप्तियों, उधारी को छोड़कर, के अंतर के रूप में रखा गया है। इसी कारण यह सरकार की कुल उधारी आवश्यकता को दिखाता है। 2009-10 के उदाहरण में कुल व्यय और गैर-उधार प्राप्तियों के अंतर को राजकोषीय घाटा दिखाया गया था, और उस कमी की भरपाई मुख्यतः आंतरिक व बाह्य ऋण से हुई।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) राजस्व व्यय घटा राजस्व प्राप्तियाँ राजस्व घाटे की परिभाषा है, जबकि राजकोषीय घाटा कुल व्यय और उधारी छोड़कर कुल प्राप्तियों के अंतर को देखता है।
- (C) उधारी सहित कुल प्राप्तियाँ लेने पर सरकार की उधार-जरूरत छिप जाती है, जबकि राजकोषीय घाटे का उद्देश्य वही उधार-जरूरत दिखाना है।
- (D) पूँजीगत व्यय घटा पूँजीगत प्राप्तियाँ केवल पूँजी खाते का अंतर दिखाता है, राजस्व घाटे और कुल व्यय-प्राप्ति अंतर को साथ नहीं पकड़ता।
अवधारणा
यह प्रश्न बजट संकेतकों में घाटे की अवधारणाओं, खासकर राजकोषीय घाटा और राजस्व घाटा, का अंतर जाँचता है। RAS में यह बार-बार आता है क्योंकि सरकारी बजट, उधारी और राजकोषीय नीति को समझने की बुनियादी शर्त यही है।
