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RAS प्रश्न

कालीबंगन में खोजी गई अग्नि वेदिकाओं से किसके प्रमाण मिलते हैं?

सही उत्तर: (D) वैदिक शैली के अग्नि अनुष्ठान।

कालीबंगन में मिली अग्नि वेदिकाएँ हड़प्पा काल में वैदिक प्रकार के अग्नि अनुष्ठानों के अभ्यास का प्रमाण मानी जाती हैं।

  1. (A)

    धातु गलाना

  2. (B)

    पशु बलि

  3. (C)

    मृद्भांड निर्माण

  4. (D)

    वैदिक शैली के अग्नि अनुष्ठान

व्याख्या

कालीबंगन में एक चबूतरे पर उत्तर-दक्षिण दिशा में एक पंक्ति में सात अग्नि वेदिकाएँ मिलीं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की रिपोर्ट में इन्हें अनुष्ठानिक प्रयोजन से जोड़ा गया है: वेदिकाओं में राख और कोयला मिला, इसलिए उनका आग से संबंध स्पष्ट है; उनके भीतर मिट्टी का स्तंभ और मिट्टी की गोल चकत्तियाँ भी मिलीं, जिन्हें अर्पण की तरह रखा गया माना गया। रिपोर्ट यह भी बताती है कि वेदिकाओं की स्थिति ऐसी थी कि उपयोग करने वाला व्यक्ति पूर्व की ओर मुख करता था, और पास में कुआँ तथा स्नान के लिए बना फर्श था। इसी अनुष्ठानिक संदर्भ के कारण इन्हें साधारण चूल्हा, भट्ठा या धातु-कार्य स्थल नहीं, बल्कि हड़प्पा काल के वैदिक प्रकार के अग्नि अनुष्ठानों का प्रमाण माना जाता है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) धातु गलाने के लिए भट्ठी या धातु-कार्य का प्रमाण चाहिए, जबकि यहाँ राख-कोयला, मिट्टी का स्तंभ और अर्पण-जैसी वस्तुएँ अनुष्ठानिक संदर्भ दिखाती हैं।
  • (B) पशु बलि के संकेत कालीबंगन में अलग ईंट-पंक्तिबद्ध गड्ढे से जुड़े हैं; सात अग्नि वेदिकाओं का मुख्य संकेत अग्नि-आधारित अनुष्ठान है।
  • (C) मृद्भांड निर्माण के लिए कुम्हार-भट्ठी अपेक्षित होती है, जबकि इन संरचनाओं में वेदिका, राख-कोयला और पूर्व की ओर मुख वाली अनुष्ठानिक व्यवस्था बताई गई है।

अवधारणा

यह प्रश्न राजस्थान के हड़प्पा-स्थलों में धार्मिक-सांस्कृतिक जीवन की पहचान पर आधारित है। आरएएस में कालीबंगन इसलिए बार-बार पूछा जाता है क्योंकि यहाँ नगर-योजना के साथ अनुष्ठानिक संरचनाओं के स्पष्ट पुरातात्त्विक प्रमाण मिलते हैं।

स्रोत

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