RAS प्रश्न
माउंट आबू के प्रसिद्ध दिलवाड़ा जैन मंदिर किस पूर्व रियासत में आते हैं?
सही उत्तर: (B) सिरोही।
माउंट आबू के प्रसिद्ध दिलवाड़ा जैन मंदिर पूर्व सिरोही रियासत का हिस्सा थे।
व्याख्या
सही उत्तर सिरोही है। माउंट आबू के दिलवाड़ा जैन मंदिर पूर्व सिरोही रियासत में स्थित थे। राजस्थान फाउंडेशन ने राजस्थान के एकीकरण के विवरण में सिरोही को तत्कालीन अलग रियासत के रूप में दर्ज किया है। इसमें बताया गया है कि 26 जनवरी 1950 को सिरोही का वृहद राजस्थान की 18 रियासतों के साथ विलय हुआ और 1956 में आबू रोड तालुका को पहले सिरोही रियासत का हिस्सा माना गया था। इससे साफ़ होता है कि उस समय माउंट आबू और दिलवाड़ा सिरोही रियासत से जुड़े थे, मेवाड़, मारवाड़ या डूंगरपुर से नहीं। 11वीं से 13वीं शताब्दी के ये जैन मंदिर सफ़ेद संगमरमर और उस पर की गई बारीक नक्काशी के लिए प्रसिद्ध हैं। RAS में ऐसे प्रश्न हल करते समय प्रसिद्ध स्मारक की वास्तुकला के साथ यह भी देखें कि वह किस पूर्व रियासत में था।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) मेवाड़ एक अलग रियासत थी; दिलवाड़ा जैन मंदिर पूर्व सिरोही रियासत में थे।
- (C) मारवाड़ सही उत्तर नहीं है, क्योंकि माउंट आबू के दिलवाड़ा जैन मंदिर पूर्व सिरोही रियासत में थे।
- (D) डूंगरपुर सही उत्तर नहीं है, क्योंकि दिलवाड़ा जैन मंदिर पूर्व सिरोही रियासत में थे।
अवधारणा
यह प्रश्न राजस्थान के किसी प्रसिद्ध स्मारक को उसकी पूर्व रियासत से जोड़ने की समझ जाँचता है। RAS में ऐसे प्रश्न कला-संस्कृति को केवल वास्तुकला या संरक्षक शासकों तक सीमित न रखकर राजस्थान के राजनीतिक इतिहास और भूगोल से भी जोड़ते हैं।
