RAS प्रश्न
जयपुर राज्य में उस कारखाने (विभाग) को क्या कहा जाता था जहाँ कलाकार चित्र और लघु चित्र बनाते थे?
सही उत्तर: (D) सूरतखाना।
जयपुर राज्य में कलाकारों द्वारा चित्र और लघु चित्र बनाए जाने वाला कला-कारखाना सूरतखाना कहलाता था।
व्याख्या
सूरतखाना जयपुर राज्य के कला विभाग का नाम था, जहाँ कलाकार चित्र और लघु चित्र बनाते थे। अंबर-जयपुर शासकों की चित्रकला कार्यशाला सूरतखाना कहलाती थी। इसके लेखा-बही, सूची, दैनिक रजिस्टर, खजाना अभिलेख और दरबारी प्रोटोकॉल जैसे अभिलेख चित्रों के उत्पादन, देखरेख और संग्रह में इसकी सक्रिय भूमिका से जुड़े थे। कलाकारों द्वारा चित्र और लघु चित्र बनाए जाने की व्यवस्था सीधे सूरतखाना से जुड़ी थी। बाकी विभाग जयपुर दरबार की अलग-अलग जरूरतों से जुड़े थे, कला-कार्यशाला से नहीं।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) जवाहरखाना आभूषणों से जुड़ा विभाग था, इसलिए चित्र और लघु चित्र बनाने वाली दरबारी कला-कार्यशाला के लिए यह नाम सही नहीं बैठता।
- (B) तोषाखाना खजाने से संबंधित विभाग था, जबकि कलाकारों की चित्र-निर्माण कार्यशाला का नाम सूरतखाना था।
- (C) सूतरखाना कपड़ा-काम से संबंधित था, इसलिए जयपुर दरबार की चित्रकला और लघुचित्र निर्माण वाली व्यवस्था का नाम यह नहीं था।
अवधारणा
राजस्थान की दरबारी चित्रकला में जयपुर राज्य की सांस्कृतिक संस्थाओं की पहचान महत्त्वपूर्ण है। आरएएस में कला-शैलियों के साथ उनसे जुड़े राजकीय संरक्षण और विभागों के नाम भी बार-बार पूछे जाते हैं।
