RAS प्रश्न
अष्टांगिक मार्ग किस विचार-परंपरा से संबंधित माना जाता है?
सही उत्तर: (D) बौद्ध धर्म।
अष्टांगिक मार्ग गौतम बुद्ध की मूल शिक्षाओं में से एक है और बौद्ध धर्म से जुड़ा है।
व्याख्या
अष्टांगिक मार्ग बौद्ध धर्म से संबंधित है। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) के सामाजिक विज्ञान पाठ में चार आर्य सत्य और अष्टांगिक मार्ग, दोनों को गौतम बुद्ध की शिक्षाओं में रखा गया है। इसके आठ अंग हैं—सम्यक् दृष्टि, सम्यक् संकल्प, सम्यक् वाक्, सम्यक् कर्मांत, सम्यक् आजीव, सम्यक् व्यायाम, सम्यक् स्मृति और सम्यक् समाधि। चार आर्य सत्य दुख की व्याख्या करते हैं और अष्टांगिक मार्ग उससे मुक्ति का व्यावहारिक अनुशासन बताता है। इसलिए प्रश्न में दिए गए पद का सीधा संबंध बौद्ध धर्म से है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) हिंदू धर्म में अनेक दार्शनिक मार्ग हैं, लेकिन अष्टांगिक मार्ग विशेष रूप से गौतम बुद्ध की शिक्षा है; यह हिंदू धर्म का मार्ग नहीं है।
- (B) जैन धर्म की प्रमुख शिक्षा त्रिरत्न है, जबकि अष्टांगिक मार्ग बौद्ध धर्म से जुड़ा है।
- (C) सिख धर्म गुरु ग्रंथ साहिब से जुड़ी शिक्षाओं का अनुसरण करता है, जबकि अष्टांगिक मार्ग बौद्ध धर्म और गौतम बुद्ध की शिक्षाओं से संबंधित है।
अवधारणा
यह प्रश्न प्राचीन भारत के पाठ्यक्रम में ईसा पूर्व छठी शताब्दी के धार्मिक आंदोलनों, विशेषकर बौद्ध और जैन धर्म, की समझ जाँचता है। RAS में यह विषय बार-बार पूछा जाता है क्योंकि एक-पंक्ति वाले तथ्यात्मक बहुविकल्पीय प्रश्नों में चार आर्य सत्य, अष्टांगिक मार्ग और त्रिरत्न जैसे पदों को आसानी से एक-दूसरे से मिलाया जा सकता है।
