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Aspirant Academy

RAS प्रश्न

व्यापार सुगमता रैंकिंग किसके द्वारा प्रकाशित की जाती थी?

सही उत्तर: (D) विश्व बैंक।

व्यापार सुगमता रैंकिंग विश्व बैंक की डूइंग बिजनेस रिपोर्ट में प्रकाशित की जाती थी।

  1. (A)

    WTO

  2. (B)

    IMF

  3. (C)

    UNCTAD

  4. (D)

    विश्व बैंक

व्याख्या

उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) का व्यापार सुगमता पेज इस रैंकिंग को विश्व बैंक का वार्षिक आकलन बताता है, जो डूइंग बिजनेस रिपोर्ट में प्रकाशित होता था। यह रिपोर्ट कारोबार शुरू करने से लेकर उसे चलाने तक के अलग-अलग मानकों के आधार पर यह तय करती थी कि किसी देश में कारोबार करना कितना आसान है, और उसी आधार पर अर्थव्यवस्थाओं की रैंकिंग करती थी। भारत के लिए यह आकलन केवल मुंबई और दिल्ली तक सीमित था। इसलिए सही उत्तर विश्व बैंक है, न कि व्यापार, वित्त या निवेश से जुड़ी कोई अन्य संस्था। भारत की रैंकिंग 2014 में 142वें स्थान से सुधरकर 2020 में 63वें स्थान पर पहुँची। विश्व बैंक ने यह रैंकिंग 2020 तक प्रकाशित की और आँकड़ों में अनियमितताएँ सामने आने के बाद इसे बंद कर दिया। विभाग के उसी पेज के अनुसार विश्व बैंक समूह के प्रबंधन ने बाद में डूइंग बिजनेस रिपोर्ट का प्रकाशन भी बंद कर दिया; वहाँ नए बिजनेस रेडी ढाँचे का लिंक भी दिया गया है।

बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं

  • (A) विश्व व्यापार संगठन (WTO) व्यापार नियमों और बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था से जुड़ा है, लेकिन उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग के आधिकारिक पेज के अनुसार व्यापार सुगमता आकलन और डूइंग बिजनेस रिपोर्ट विश्व बैंक प्रकाशित करता था।
  • (B) अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) व्यापक आर्थिक स्थिरता और वित्तीय निगरानी से जुड़ा है, लेकिन उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग के आधिकारिक पेज के अनुसार इस रैंकिंग को विश्व बैंक प्रकाशित करता था, IMF नहीं।
  • (C) संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन (UNCTAD) निवेश, व्यापार और विकास से जुड़ी रिपोर्टों के लिए जाना जाता है, लेकिन व्यापार सुगमता रैंकिंग विश्व बैंक की डूइंग बिजनेस रिपोर्ट में प्रकाशित होती थी।

अवधारणा

यह प्रश्न अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संस्थाओं और उनके प्रमुख सूचकांकों की समझ परखता है। RAS के अर्थव्यवस्था खंड में यह विषय बार-बार पूछा जाता है। ऐसे सूचकांक नियामकीय माहौल तथा सरकारी नीतियों और आर्थिक सुधारों की दिशा समझने में मदद करते हैं। इससे यह भी परखा जाता है कि आप संक्षिप्त नाम देखकर अनुमान लगाने के बजाय व्यापार, मौद्रिक, निवेश और विकास से जुड़ी संस्थाओं में अंतर कर सकते हैं या नहीं।

स्रोत

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