RAS प्रश्न
डूंगरपुर प्रजामंडल का नेतृत्व किसने किया?
सही उत्तर: (B) भोगीलाल पंड्या।
डूंगरपुर प्रजामंडल का नेतृत्व भोगीलाल पंड्या ने किया, जिन्हें वागड़ के गांधी के रूप में जाना जाता है।
व्याख्या
डूंगरपुर प्रजामंडल से जुड़ा सही नाम भोगीलाल पंड्या है। उन्हें वागड़ के गांधी के रूप में जाना जाता है और उन्होंने डूंगरपुर प्रजामंडल तथा सेवा मंदिर की स्थापना की। वे सिमलवाड़ा में रहे और वागड़ के आदिवासी समुदायों के उत्थान के लिए काम किया। पंड्या ने डूंगरपुर क्षेत्र के आदिवासी और किसान समुदायों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया तथा डूंगरपुर के महारावल से जिम्मेदार सरकार की मांग की। इसलिए डूंगरपुर प्रजामंडल को मेवाड़, जोधपुर या सिरोही के नेताओं से नहीं, भोगीलाल पंड्या से जोड़ना चाहिए।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) माणिक्यलाल वर्मा का संबंध मेवाड़ प्रजामंडल के नेतृत्व से था, इसलिए उन्हें डूंगरपुर प्रजामंडल का नेता मानना क्षेत्र और संगठन दोनों को मिला देता है।
- (C) जयनारायण व्यास जोधपुर से जुड़े थे, जबकि डूंगरपुर प्रजामंडल का नेतृत्व भोगीलाल पंड्या से जुड़ा है।
- (D) गोकुलभाई भट्ट सिरोही प्रजामंडल के नेता थे, इसलिए उनका नाम डूंगरपुर प्रजामंडल के नेतृत्व के लिए सही नहीं है।
अवधारणा
राजस्थान के रियासती जन-आंदोलनों और प्रजामंडल संगठनों में क्षेत्र-विशेष के नेतृत्व की पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में यह विषय बार-बार आता है क्योंकि अलग-अलग रियासतों के प्रजामंडल, उनके नेता और स्थानीय सामाजिक आधार आपस में आसानी से गड्ड-मड्ड हो जाते हैं।
