RAS प्रश्न
दिल्ली के लाल किले के दीवान-ए-खास में प्रसिद्ध शिलालेख था:
सही उत्तर: (B) 'अगर धरती पर कहीं स्वर्ग है, तो यहीं है, यहीं है, यहीं है'।
दिल्ली के लाल किले के दीवान-ए-खास में अमीर खुसरो से संबद्ध प्रसिद्ध पंक्ति अंकित थी: अगर धरती पर कहीं स्वर्ग है, तो यहीं है, यहीं है, यहीं है।
व्याख्या
दीवान-ए-खास लाल किले का वह निजी दरबार था जहां शाहजहां दरबारियों और राजकीय अतिथियों से मिलता था। इस भवन की उत्तरी और दक्षिणी दीवारों के कोनेदार मेहराबों पर, कंगनी के नीचे, अमीर खुसरो की पंक्ति अंकित है: अगर धरती पर कहीं स्वर्ग है, तो यहीं है, यहीं है, यहीं है। इसलिए प्रश्न में मांगा गया प्रसिद्ध शिलालेख कोई सामान्य धार्मिक, न्याय-संबंधी या ज्ञान-संबंधी कथन नहीं, बल्कि इसी फारसी भाव वाली प्रशंसात्मक पंक्ति का हिंदी अर्थ है। यही दीवान-ए-खास का प्रसिद्ध शेर है, इसलिए विकल्प B सही है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) दीवान-ए-खास के मेहराबों पर अमीर खुसरो की स्वर्ग वाली पंक्ति अंकित है, इसलिए 'अल्लाह महान है' इस स्थान का दर्ज शिलालेख नहीं है।
- (C) 'न्याय राजसत्ता की नींव है' राजसत्ता पर एक सामान्य कथन जैसा है, जबकि प्रश्न खास तौर पर दीवान-ए-खास में अंकित प्रसिद्ध पंक्ति पूछता है।
- (D) 'ज्ञान ही शक्ति है' दीवान-ए-खास से जुड़ी पंक्ति नहीं है; वहां स्वर्ग वाली पंक्ति ही दी गई है।
अवधारणा
यह प्रश्न मुगल स्थापत्य में शाही भवनों की पहचान और उनसे जुड़े अभिलेखीय-सांस्कृतिक संकेतों को परखता है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार आते हैं क्योंकि स्मारक, शासक और उनसे जुड़ी विशिष्ट पंक्तियां मध्यकालीन इतिहास के सीधे पूछे जाने वाले बिंदु हैं।
