RAS प्रश्न
ढूंढाड़ अर्थात जयपुर चित्रकला शैली मुख्यतः किस प्रकार के चित्रण के लिए जानी जाती है?
सही उत्तर: (C) मुगल प्रभाव वाले दरबारी दृश्य, चित्र और राधा-कृष्ण विषय।
ढूंढाड़ अर्थात जयपुर चित्रकला शैली मुगल प्रभाव वाले दरबारी दृश्यों, व्यक्तिचित्रों और राधा-कृष्ण विषयों के चित्रण के लिए जानी जाती है।
व्याख्या
ढूंढाड़ या जयपुर शैली आमेर-जयपुर दरबार में विकसित हुई। आमेर बड़े राजपूत राज्यों में मुगल राजधानियों आगरा और दिल्ली के सबसे निकट था और जयपुर शासकों के मुगल सम्राटों से सौहार्दपूर्ण संबंध रहे; इसलिए आमेर-जयपुर की चित्रकला पर मुगल प्रभाव साफ दिखता है। सवाई जयसिंह के समय यह स्वतंत्र शैली के रूप में उभरी और दिल्ली से मुगल चित्रकार भी दरबार में आए। इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में राधा-कृष्ण, रसिकप्रिया, गीत गोविंद, बारहमासा, रागमाला, दरबारी जीवन और व्यक्तिचित्र इसके प्रमुख विषय बने। साहिबराम इसी दरबार के कुशल व्यक्तिचित्रकार थे।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) बौद्ध विषय जयपुर शैली की मुख्य पहचान नहीं हैं। इसके प्रमुख विषय राधा-कृष्ण, रागमाला, शाही व्यक्तिचित्र, दरबारी जीवन, शिकार और उत्सव हैं।
- (B) जयपुर शैली को केवल युद्ध दृश्यों तक सीमित करना गलत है, क्योंकि इसमें दरबारी जीवन, व्यक्तिचित्र, राधा-कृष्ण, रागमाला, शिकार और उत्सव जैसे विविध विषय मिलते हैं।
- (D) यूरोपीय रोमांटिक परिदृश्य इस शैली का मुख्य आधार नहीं है; इसकी पहचान आमेर-जयपुर दरबार, मुगल प्रभाव और राधा-कृष्ण तथा दरबारी विषयों से जुड़ी है।
अवधारणा
राजस्थानी चित्रकला की क्षेत्रीय शैलियों, आश्रयदाताओं और विषय-वस्तु की पहचान RAS के लिए महत्वपूर्ण है। यह हिस्सा बार-बार आता है, क्योंकि शैली, संरक्षण, विषय और बाहरी प्रभावों से सीधे तथ्यात्मक प्रश्न बनते हैं।
