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RAS प्रश्न

'ढोला-मारू रा दूहा' किस भाषा या बोली में एक प्रसिद्ध राजस्थानी साहित्यिक कृति है?

सही उत्तर: (C) राजस्थानी (मारवाड़ी बोली) — राजस्थानी साहित्य के सबसे पुराने उदाहरणों में से एक।

ढोला-मारू रा दूहा पुरानी राजस्थानी, खासकर मारवाड़ी परंपरा, की प्रसिद्ध प्रेम-काव्य कृति है।

  1. (A)

    केवल संस्कृत

  2. (B)

    अंग्रेज़ी

  3. (C)

    राजस्थानी (मारवाड़ी बोली) — राजस्थानी साहित्य के सबसे पुराने उदाहरणों में से एक

  4. (D)

    उर्दू

व्याख्या

ढोला-मारू रा दूहा को पुरानी राजस्थानी और मारवाड़ी में रचे श्रेष्ठ प्रेम काव्यों में गिना जाता है। यह कृति कविश्वर कविराज को श्रेयित है, लगभग 15वीं शताब्दी से जुड़ी है और दोहा छंद में ढोला तथा मारू की प्रेमकथा सुनाती है। राजस्थानी साहित्य की प्रमुख कृतियों में ढोला-मारू रा दूहा डिंगल भाषा की सुंदरता से भरी रचना है, जिसमें ढोला और मारवणी की प्रेमकथा मिलती है। इसलिए भाषा या बोली पूछने पर संस्कृत, अंग्रेज़ी या उर्दू नहीं, बल्कि राजस्थानी-मारवाड़ी परंपरा सही बैठती है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) केवल संस्कृत इसलिए गलत है क्योंकि यह कृति पुरानी राजस्थानी और मारवाड़ी की रचना है, संस्कृत ग्रंथ नहीं।
  • (B) अंग्रेज़ी इसलिए गलत है क्योंकि यह राजस्थान की लोक और साहित्यिक परंपरा से जुड़ी प्रेमकथा है, अंग्रेज़ी में लिखी आधुनिक रचना नहीं।
  • (D) उर्दू इसलिए गलत है क्योंकि यह राजस्थानी साहित्य की प्रमुख कृति और डिंगल भाषा की रचना है।

अवधारणा

यह राजस्थान की मध्यकालीन साहित्यिक परंपरा, खासकर राजस्थानी-मारवाड़ी और डिंगल काव्य, की पहचान से जुड़ा बिंदु है। RAS में ऐसी कृतियां बार-बार आती हैं क्योंकि भाषा, लेखक, विषय और लोकपरंपरा को जोड़कर पूछा जाता है।

स्रोत

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