RAS प्रश्न
जनसांख्यिकीय लाभांश से तात्पर्य है:
सही उत्तर: (B) बड़ी कामकाजी उम्र की आबादी से आर्थिक विकास की संभावना।
जनसांख्यिकीय लाभांश का अर्थ बड़ी कामकाजी उम्र की आबादी से पैदा होने वाली आर्थिक विकास की संभावना है।
व्याख्या
जनसांख्यिकीय लाभांश तब बनता है जब 15-64 वर्ष की कार्यशील आयु वाली आबादी का अनुपात बच्चों और बुजुर्गों जैसी आश्रित आबादी से अधिक हो जाता है। UNFPA के अनुसार, जब कार्यबल में लोगों की संख्या आश्रितों की तुलना में बढ़ती है, तो आर्थिक उत्पादकता में बढ़ोतरी की संभावना पैदा होती है। इसलिए इसका केंद्र केवल जनसंख्या का आकार नहीं, बल्कि उसकी आयु-संरचना है। भारत इसी चरण का अनुभव कर रहा है, जहां लगभग 65% आबादी कार्यशील आयु वर्ग में है। यह लाभ अपने-आप नहीं मिलता; स्रोत भी साफ करता है कि शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य जैसी सही सामाजिक-आर्थिक नीतियां हों तभी यह आबादी तेज आर्थिक विकास का अवसर बनती है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) समान पुरुष-महिला अनुपात लिंगानुपात से जुड़ा विचार है, जबकि जनसांख्यिकीय लाभांश कार्यशील आयु वालों और आश्रितों के अनुपात से जुड़ा है।
- (C) वृद्ध जनसंख्या में वृद्धि आश्रित आबादी का भार बढ़ाती है, जबकि जनसांख्यिकीय लाभांश में कार्यबल आश्रितों की तुलना में बड़ा होता है।
- (D) जनसंख्या में गिरावट अपने-आप जनसांख्यिकीय लाभांश नहीं है, क्योंकि लाभांश का आधार कार्यशील आयु आबादी की अपेक्षाकृत बड़ी हिस्सेदारी है।
अवधारणा
यह प्रश्न भारतीय अर्थव्यवस्था में जनसंख्या और विकास के संबंध की जांच करता है। RAS में यह बार-बार आता है क्योंकि आयु-संरचना, रोजगार, कौशल और सामाजिक क्षेत्र की नीतियां आर्थिक विकास की व्याख्या से सीधे जुड़ती हैं।
