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RAS प्रश्न

संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन किस संवैधानिक संशोधन द्वारा 2026 तक स्थिर रखा गया?

सही उत्तर: (A) 84वाँ संशोधन, 2001।

संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन को 2026 के बाद होने वाली पहली जनगणना तक स्थिर रखने का विस्तार 84वें संवैधानिक संशोधन, 2001 से जुड़ा है।

  1. (A)

    84वाँ संशोधन, 2001

  2. (B)

    97वाँ संशोधन, 2011

  3. (C)

    42वाँ संशोधन, 1976

  4. (D)

    91वाँ संशोधन, 2003

व्याख्या

42वें संशोधन, 1976 ने 1971 की जनगणना के आधार पर सीटों के आवंटन को 2001 तक स्थिर रखा था। इसके बाद 84वें संशोधन, 2001 और 87वें संशोधन, 2003 से संविधान के अनुच्छेद 81, 82, 170, 330 और 332 में बदलावों का संयुक्त प्रभाव बना। भारत निर्वाचन आयोग के परिसीमन दिशानिर्देश बताते हैं कि लोकसभा में राज्यों को आवंटित मौजूदा सीटें 1971 की जनगणना के आधार पर 2026 के बाद पहली जनगणना तक अपरिवर्तित रहेंगी। साथ ही संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन 2001 की जनगणना के आधार पर होगा, और ऐसे परिसीमित क्षेत्रों की सीमा भी 2026 के बाद पहली जनगणना तक स्थिर रहेगी। इसलिए 2026 तक फ्रीज बढ़ाने के लिए 84वाँ संशोधन मुख्य उत्तर है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) 97वाँ संशोधन सहकारी समितियों से जुड़ा था, इसलिए वह संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन को 2026 तक स्थिर रखने वाला संशोधन नहीं है।
  • (C) 42वें संशोधन ने 1971 की जनगणना के आधार पर सीटों के आवंटन को 2001 तक रोका था, लेकिन 2026 तक विस्तार 84वें संशोधन से जुड़ा है।
  • (D) 91वाँ संशोधन दल-बदल कानून में बदलावों से संबंधित था, परिसीमन फ्रीज को 2026 तक बढ़ाने से नहीं।

अवधारणा

यह प्रश्न भारतीय संविधान में परिसीमन, जनगणना और प्रतिनिधित्व के संबंध को परखता है। RAS में यह बार-बार इसलिए आता है क्योंकि चुनावी प्रतिनिधित्व के नियम सीधे संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों की रचना से जुड़े हैं।

स्रोत

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