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RAS प्रश्न

चिश्ती सिलसिले में सही उत्तराधिकार क्रम है:

सही उत्तर: (B) मोइनुद्दीन चिश्ती → कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी → फरीदुद्दीन गंजशकर → निज़ामुद्दीन औलिया।

चिश्ती सिलसिले का सही उत्तराधिकार क्रम मोइनुद्दीन चिश्ती → कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी → फरीदुद्दीन गंजशकर → निज़ामुद्दीन औलिया है।

  1. (A)

    निज़ामुद्दीन → मोइनुद्दीन → फरीदुद्दीन → नासिरुद्दीन

  2. (B)

    मोइनुद्दीन चिश्ती → कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी → फरीदुद्दीन गंजशकर → निज़ामुद्दीन औलिया

  3. (C)

    कुतुबुद्दीन → निज़ामुद्दीन → मोइनुद्दीन → फरीदुद्दीन

  4. (D)

    फरीदुद्दीन → मोइनुद्दीन → निज़ामुद्दीन → कुतुबुद्दीन

व्याख्या

चिश्ती सिलसिले में क्रम याद रखने की कुंजी गुरु-परंपरा और प्रमुख केंद्रों को साथ पढ़ना है। श्रृंखला मोइनुद्दीन चिश्ती (अजमेर) से शुरू होकर कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी (दिल्ली), बाबा फरीदुद्दीन गंजशकर (पाकपत्तन), निज़ामुद्दीन औलिया (दिल्ली) और आगे नासिरुद्दीन चिराग-ए-दिल्ली (दिल्ली) तक जाती है। एनसीईआरटी भी चिश्ती परंपरा की लंबी शिक्षक-रेखा में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती, कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी, बाबा फरीद और ख्वाजा निज़ामुद्दीन औलिया को इसी क्रम में रखता है। इसलिए विकल्प B सही है, क्योंकि वह शुरुआती चार नामों को उलटे या मिलाए बिना उसी ऐतिहासिक क्रम में देता है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) A में निज़ामुद्दीन को मोइनुद्दीन से पहले रख दिया गया है, जबकि श्रृंखला मोइनुद्दीन चिश्ती से शुरू होकर कुतुबुद्दीन, फरीदुद्दीन और फिर निज़ामुद्दीन तक जाती है।
  • (C) C में कुतुबुद्दीन को शुरुआत में और निज़ामुद्दीन को मोइनुद्दीन से पहले रखा गया है, इसलिए यह चिश्ती शिक्षक-रेखा के वास्तविक क्रम को बिगाड़ देता है।
  • (D) D में फरीदुद्दीन को सबसे पहले और कुतुबुद्दीन को अंत में रखा गया है, जबकि सही क्रम में मोइनुद्दीन के बाद कुतुबुद्दीन और फिर फरीदुद्दीन आते हैं।

अवधारणा

यह प्रश्न मध्यकालीन भारत में सूफी सिलसिलों की गुरु-परंपरा और उनके केंद्रों की समझ जांचता है। आरएएस में ऐसे क्रम इसलिए बार-बार पूछे जाते हैं क्योंकि वे भक्ति-सूफी आंदोलन, दिल्ली सल्तनत और राजस्थान के अजमेर से सीधे जुड़ते हैं।

स्रोत

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