RAS प्रश्न
भारत की आकस्मिकता निधि किसके अधीन रहती है:
सही उत्तर: (C) भारत के राष्ट्रपति।
भारत की आकस्मिकता निधि अनुच्छेद 267 के तहत भारत के राष्ट्रपति के अधीन रहती है।
व्याख्या
अनुच्छेद 267 भारत की आकस्मिकता निधि को अग्रिम भुगतान की प्रकृति वाली निधि मानता है, जिसमें कानून द्वारा निर्धारित राशि रखी जाती है। इसी अनुच्छेद में स्पष्ट है कि यह निधि भारत के राष्ट्रपति के अधीन रखी जाती है, ताकि वे ऐसे अप्रत्याशित खर्चों के लिए अग्रिम राशि दे सकें जिनकी मंजूरी संसद से कानून द्वारा अभी बाकी है। इसलिए नियंत्रण या अधीन रखे जाने का सही संवैधानिक पद राष्ट्रपति है, न कि प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री या CAG। इस निधि का वर्तमान कोष 30,000 करोड़ रुपये है। आरएएस में यह प्रश्न संघीय वित्तीय प्रावधानों और संसद की व्यय-मंजूरी प्रक्रिया की बुनियादी समझ जांचता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) CAG लेखा-परीक्षा से जुड़ा है, लेकिन अनुच्छेद 267 आकस्मिकता निधि को राष्ट्रपति के अधीन रखता है; इसलिए CAG इसका नियंत्रणकर्ता नहीं है।
- (B) प्रधानमंत्री कार्यपालिका के प्रमुख राजनीतिक पद हैं, पर इस निधि के लिए संवैधानिक शब्द राष्ट्रपति के अधीन रखे जाने का है।
- (D) वित्त मंत्री वित्तीय प्रशासन से जुड़े होते हैं, लेकिन आकस्मिकता निधि को नियंत्रित करने वाला पद अनुच्छेद 267 में राष्ट्रपति बताया गया है।
अवधारणा
यह प्रश्न भारतीय संविधान के वित्तीय प्रावधानों, खासकर अनुच्छेद 267 और आकस्मिकता निधि, की समझ पर आधारित है। आरएएस में ऐसे तथ्य बार-बार पूछे जाते हैं क्योंकि वे संसद की अनुमति, आपात खर्च और संवैधानिक पदों की भूमिका को जोड़ते हैं।
