RAS प्रश्न
संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 अलग-अलग राज्यों की अनुसूचित जातियाँ निर्दिष्ट करता है। इस सूची में संशोधन करने वाला विधेयक किसके द्वारा पारित होना आवश्यक है:
सही उत्तर: (B) केवल संसद (अनुच्छेद 341(2) के तहत)।
अनुच्छेद 341(2) के तहत राष्ट्रपति की अधिसूचना में निर्दिष्ट अनुसूचित जाति सूची में किसी जाति को शामिल करने या बाहर करने का कानून केवल संसद बना सकती है।
व्याख्या
अनुच्छेद 341 की रचना दो चरणों को अलग करती है। पहले, अनुच्छेद 341(1) के अनुसार राष्ट्रपति किसी राज्य या संघ राज्य क्षेत्र के संबंध में अधिसूचना से उन जातियों, मूलवंशों, जनजातियों या उनके भागों/समूहों को अनुसूचित जाति के रूप में निर्दिष्ट करता है। लेकिन सूची बदलने की शक्ति राष्ट्रपति या राज्य विधानमंडल के पास खुली नहीं रहती। अनुच्छेद 341(2) साफ कहता है कि खंड (1) की अधिसूचना में निर्दिष्ट अनुसूचित जातियों की सूची में शामिल करना या बाहर करना संसद कानून द्वारा कर सकती है, और इसके सिवा वह अधिसूचना बाद की किसी अधिसूचना से बदली नहीं जा सकती। इसलिए संशोधन-विधेयक संसद में ही पारित होना आवश्यक है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) केवल राज्य विधानमंडल सही नहीं है, क्योंकि अनुच्छेद 341(2) सूची में शामिल या बहिष्कृत करने की कानून बनाने की शक्ति संसद को देता है, राज्य विधानमंडल को नहीं।
- (C) केवल राष्ट्रपति सही नहीं है, क्योंकि राष्ट्रपति अनुच्छेद 341(1) में प्रारंभिक अधिसूचना जारी करता है, पर बाद में सूची बदलने का काम अनुच्छेद 341(2) के तहत संसद के कानून से होता है।
- (D) संसद और राज्य विधानमंडल दोनों सही नहीं है, क्योंकि अनुच्छेद 341(2) में संशोधन के लिए राज्य विधानमंडल की संयुक्त स्वीकृति की शर्त नहीं दी गई है।
अवधारणा
यह प्रश्न अनुसूचित जातियों की संवैधानिक पहचान और संसद की विधायी शक्ति का परीक्षण करता है। RAS में यह बार-बार इसलिए आता है क्योंकि आरक्षण, सामाजिक न्याय और संघ-राज्य शक्तियों की सीमा इसी प्रावधान से स्पष्ट होती है।
