RAS प्रश्न
'सुलह-ए-कुल' (सार्वभौमिक शांति) की अवधारणा किसने प्रचारित की?
सही उत्तर: (C) अकबर।
सुलह-ए-कुल, यानी सभी धर्मों और समुदायों के बीच शांति और सहिष्णुता की राज्य-नीति, अकबर ने प्रचारित की थी।
व्याख्या
अकबर ने सुलह-ए-कुल को शासन का मार्गदर्शक सिद्धांत बनाया। जहाँगीर के वर्णन से स्पष्ट है कि अकबर के साम्राज्य में अलग-अलग धर्मों और मतों के लोगों के लिए जगह थी और असहिष्णुता का रास्ता बंद माना गया। सुलह-ए-कुल का अर्थ सभी धर्मों के बीच पूर्ण शांति और सद्भाव था। इसलिए यह केवल धार्मिक विचार नहीं, बल्कि राज्य चलाने की नीति थी। इसी आधार पर अकबर की उदार धार्मिक नीतियाँ बनीं, जिनमें जजिया और तीर्थ कर समाप्त करना शामिल था। सुलह-ए-कुल को प्रचारित करने वाला सही व्यक्ति अकबर है, कोई अन्य मुगल शासक नहीं।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) शाहजहाँ को सुलह-ए-कुल की नीति से नहीं, बल्कि वैभव और शाही प्रदर्शन पर अधिक ध्यान देने वाले शासक के रूप में जोड़ा गया है।
- (B) औरंगजेब सुलह-ए-कुल की सहिष्णु नीति से मेल नहीं खाता, क्योंकि उसे रूढ़िवादी इस्लामी नीतियों से जोड़ा गया है।
- (D) बाबर ने सुलह-ए-कुल को राज्य-नीति के रूप में प्रचारित नहीं किया; यह नीति अकबर से जुड़ी है।
अवधारणा
मध्यकालीन भारत में मुगल धार्मिक नीति के भीतर अकबर की शासन-दृष्टि महत्वपूर्ण है। RAS में यह विषय बार-बार आता है क्योंकि इससे शासक, नीति और प्रशासनिक स्थिरता के संबंध को समझा जाता है।
