RAS प्रश्न
भारत में 'मिश्रित अर्थव्यवस्था' की अवधारणा का अर्थ है:
सही उत्तर: (B) सार्वजनिक और निजी क्षेत्र का सह-अस्तित्व।
भारत में मिश्रित अर्थव्यवस्था का अर्थ है कि सार्वजनिक क्षेत्र और निजी क्षेत्र दोनों साथ-साथ काम करते हैं।
व्याख्या
भारत ने स्वतंत्रता के बाद ऐसा मिश्रित अर्थव्यवस्था मॉडल अपनाया जिसमें सरकार के उद्यम और निजी स्वामित्व वाले उद्यम दोनों को काम करने की अनुमति है। NCERT के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था में निजी स्वामित्व वाले और सरकार के स्वामित्व वाले व्यावसायिक उद्यम दोनों मौजूद हैं, इसलिए इसे मिश्रित अर्थव्यवस्था कहा जाता है। इसी आधार पर अर्थव्यवस्था को निजी क्षेत्र और सार्वजनिक क्षेत्र में समझा जाता है। 1956 के औद्योगिक नीति प्रस्ताव ने सार्वजनिक क्षेत्र के लिए लक्ष्य रखे, विकास और औद्योगीकरण को तेज करने में उसकी भूमिका पर जोर दिया, और साथ ही सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्रों की पारस्परिक निर्भरता को भी रेखांकित किया। इसलिए सही अर्थ कृषि-उद्योग, व्यापार या ग्रामीण-शहरी विभाजन नहीं, बल्कि सार्वजनिक और निजी क्षेत्र का सह-अस्तित्व है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) कृषि और उद्योग का साथ-साथ होना अर्थव्यवस्था की गतिविधियों का सामान्य रूप है; यह मिश्रित अर्थव्यवस्था की वह पहचान नहीं है जिसमें सार्वजनिक और निजी क्षेत्र साथ काम करते हैं।
- (C) घरेलू और विदेशी व्यापार का सह-अस्तित्व व्यापार के दायरे से जुड़ा है, जबकि मिश्रित अर्थव्यवस्था का आधार स्वामित्व और संचालन में सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्रों की भूमिका है।
- (D) ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था का फर्क भौगोलिक और सामाजिक-आर्थिक वर्गीकरण है; यह सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के सह-अस्तित्व वाली आर्थिक व्यवस्था को नहीं बताता।
अवधारणा
यह प्रश्न भारतीय अर्थव्यवस्था में आर्थिक प्रणाली और सार्वजनिक-निजी क्षेत्र की भूमिका की मूल अवधारणा जाँचता है। RAS में यह इसलिए बार-बार आता है क्योंकि औद्योगिक नीति और सरकारी क्षेत्र की भूमिका को समझे बिना भारत की विकास रणनीति स्पष्ट नहीं होती।
