RAS प्रश्न
प्रस्तावना में 'विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता' किससे प्रभावी की गई है:
सही उत्तर: (A) अनुच्छेद 19, 25-28 के तहत मूल अधिकार।
प्रस्तावना में विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता को अनुच्छेद 19(1)(क) और अनुच्छेद 25-28 के प्रवर्तनीय मूल अधिकारों से प्रभावी किया गया है।
व्याख्या
प्रस्तावना में दी गई स्वतंत्रता संविधान की केवल आदर्शात्मक भाषा नहीं है; उसे मूल अधिकारों में लागू रूप मिलता है। विचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अनुच्छेद 19(1)(क) में भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के रूप में सुरक्षित है। विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता अनुच्छेद 25-28 में धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार से जुड़ती है। संविधान की प्रस्तावना में यह स्वतंत्रता शामिल है, अनुच्छेद 19 भाषण और अभिव्यक्ति का अधिकार सुरक्षित करता है, और अनुच्छेद 25-28 धर्म से जुड़े अधिकारों का संवैधानिक आधार बनाते हैं। इसलिए विकल्प A सही है, क्योंकि यह प्रस्तावना की स्वतंत्रता को प्रवर्तनीय मूल अधिकारों से जोड़ता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) भाग XVIII केवल उत्तर नहीं हो सकता, क्योंकि दी गई स्वतंत्रता को प्रभावी करने वाले आधार अनुच्छेद 19(1)(क) और अनुच्छेद 25-28 के मूल अधिकार हैं।
- (C) दसवीं अनुसूची केवल उत्तर नहीं है, क्योंकि विचार-अभिव्यक्ति और धार्मिक स्वतंत्रता का सीधा आधार अनुच्छेद 19(1)(क) तथा अनुच्छेद 25-28 हैं।
- (D) केवल राज्य के नीति-निर्देशक सिद्धांत सही नहीं हैं, क्योंकि ये स्वतंत्रताएं प्रवर्तनीय मूल अधिकारों से सुरक्षित होती हैं।
अवधारणा
प्रस्तावना और मूल अधिकारों का संबंध संवैधानिक ढांचे की बुनियादी समझ से जुड़ा है। RAS में यह इसलिए दोहराया जाता है, क्योंकि प्रस्तावना के आदर्शों को लागू करने वाले संवैधानिक अनुच्छेद पहचानने पड़ते हैं।
