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Aspirant Academy

RAS प्रश्न

सर्वोच्च न्यायालय में 'उपचारात्मक याचिका' की अवधारणा किसमें प्रस्तुत की गई?

सही उत्तर: (B) रूपा अशोक हुर्रा बनाम अशोक हुर्रा (2002)।

सर्वोच्च न्यायालय में उपचारात्मक याचिका की अवधारणा रूपा अशोक हुर्रा बनाम अशोक हुर्रा (2002) में प्रस्तुत की गई।

  1. (A)

    विशाखा बनाम राजस्थान राज्य (1997)

  2. (B)

    रूपा अशोक हुर्रा बनाम अशोक हुर्रा (2002)

  3. (C)

    केशवानंद भारती मामला (1973)

  4. (D)

    ए.आर. अंतुले बनाम आर.एस. नायक (1988)

व्याख्या

उपचारात्मक याचिका का आधार रूपा अशोक हुर्रा बनाम अशोक हुर्रा (2002) है। 5 न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने इसी मामले में उपचारात्मक याचिका की अभिव्यक्ति इस्तेमाल की थी। इसका उद्देश्य न्यायालय की प्रक्रिया के दुरुपयोग को रोकते हुए गंभीर अन्याय को ठीक करने की सीमित गुंजाइश रखना था। इसलिए यह सामान्य अपील या दूसरा पुनर्विचार नहीं है। यह पक्षकार के लिए अंतिम न्यायिक उपाय है और पुनर्विचार याचिका खारिज होने के बाद दायर की जा सकती है। उपचारात्मक याचिका में यह बताना होता है कि वही आधार पुनर्विचार याचिका में उठाए गए थे।

बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं

  • (A) विशाखा बनाम राजस्थान राज्य (1997) लैंगिक उत्पीड़न से जुड़े दिशानिर्देशों का मामला था; उसमें उपचारात्मक याचिका की अवधारणा प्रस्तुत नहीं की गई थी।
  • (C) केशवानंद भारती मामला (1973) मूल संरचना सिद्धांत से जुड़ा है, जबकि उपचारात्मक याचिका रूपा अशोक हुर्रा मामले से जुड़ी है।
  • (D) ए.आर. अंतुले बनाम आर.एस. नायक (1988) में उपचारात्मक याचिका की अवधारणा प्रस्तुत नहीं की गई थी।

अवधारणा

सर्वोच्च न्यायालय के असाधारण उपचारों में उपचारात्मक याचिका अंतिम न्यायिक उपायों से जुड़ी है। RAS में ऐसे मामले बार-बार इसलिए आते हैं क्योंकि वे संविधान, न्यायिक प्रक्रिया और प्रमुख निर्णयों को जोड़ते हैं।

स्रोत

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