RAS प्रश्न
मुद्रास्फीति मापन में 'आधार प्रभाव' की अवधारणा से क्या आशय है:
सही उत्तर: (C) पिछले वर्ष की मुद्रास्फीति दर का वर्तमान वर्ष की गणना पर प्रभाव।
मुद्रास्फीति मापन में आधार प्रभाव का मतलब है कि चालू वर्ष की गणना पिछले वर्ष की उसी अवधि की कीमतों या मुद्रास्फीति से प्रभावित होती है।
व्याख्या
आधार प्रभाव को समझने के लिए मुद्रास्फीति को तुलना की गणना मानना ज़रूरी है। RBI की रिपोर्ट मुद्रास्फीति मापन को नीति-निर्माण के लिए अहम बताती है और वार्षिक बनाम महीने-दर-महीने मापन जैसे तरीकों की चर्चा करती है। इसी तुलना में आधार प्रभाव आता है: चालू वर्ष की दर केवल इस वर्ष की कीमतों से नहीं बनती, बल्कि पिछले वर्ष की संबंधित अवधि के स्तर से भी प्रभावित होती है। अगर पिछले वर्ष कीमतें असामान्य रूप से अधिक थीं, तो इस वर्ष वर्ष-दर-वर्ष मुद्रास्फीति कम दिख सकती है। उल्टा, पिछले वर्ष आधार कम था तो इस वर्ष वही बदलाव अधिक मुद्रास्फीति जैसा दिख सकता है। इसलिए सही उत्तर पिछले वर्ष की मुद्रास्फीति दर का वर्तमान गणना पर प्रभाव है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) आधार प्रभाव मूल्य सूचकांक का आधार वर्ष बदलने की प्रक्रिया नहीं है; यह पिछले वर्ष की संबंधित अवधि से तुलना के कारण चालू दर पर पड़ने वाला असर है।
- (B) यह मौद्रिक नीति की नींव नहीं, बल्कि मुद्रास्फीति मापन से जुड़ी सांख्यिकीय तुलना की अवधारणा है।
- (D) यह आवश्यक वस्तुओं के किसी आधार मूल्य की बात नहीं करता; इसका संबंध वर्ष-दर-वर्ष तुलना में पिछले वर्ष के कीमत-स्तर से है।
अवधारणा
यह प्रश्न भारतीय अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति मापन की समझ जाँचता है। RAS में यह बार-बार इसलिए उपयोगी है क्योंकि मुद्रास्फीति के आँकड़े पढ़ते समय आधार अवधि का असर पहचानना पड़ता है।
