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RAS प्रश्न

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की नियुक्ति किसके तहत होती है?

सही उत्तर: (D) अनुच्छेद 148।

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 148 के तहत राष्ट्रपति अपने हस्ताक्षर और मुहर सहित अधिपत्र द्वारा करते हैं।

  1. (A)

    अनुच्छेद 151

  2. (B)

    अनुच्छेद 149

  3. (C)

    अनुच्छेद 150

  4. (D)

    अनुच्छेद 148

व्याख्या

अनुच्छेद 148 ही नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की नियुक्ति का मूल प्रावधान है: भारत का एक नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक होगा, जिसे राष्ट्रपति अपने हस्ताक्षर और मुहर सहित अधिपत्र द्वारा नियुक्त करते हैं। इसी अनुच्छेद में यह सुरक्षा भी दी गई है कि उसे पद से केवल उसी रीति और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है, जिन पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है। इसलिए नियुक्ति पूछे जाने पर उत्तर अनुच्छेद 148 है। बाकी अनुच्छेद उसी पद से जुड़े हैं, पर नियुक्ति से नहीं: अनुच्छेद 149 कर्तव्यों और शक्तियों से, अनुच्छेद 150 संघ और राज्यों के लेखों के प्ररूप से, और अनुच्छेद 151 लेखापरीक्षा रिपोर्ट से संबंधित है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) अनुच्छेद 151 नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की लेखापरीक्षा रिपोर्टों को राष्ट्रपति या राज्यपाल के सामने प्रस्तुत करने और फिर संसद या राज्य विधानमंडल के सामने रखवाने से संबंधित है, नियुक्ति से नहीं।
  • (B) अनुच्छेद 149 नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के कर्तव्यों और शक्तियों को बताता है, इसलिए यह पद की भूमिका से जुड़ा है, नियुक्ति के प्रावधान से नहीं।
  • (C) अनुच्छेद 150 संघ और राज्यों के लेखों के प्ररूप से संबंधित है, जिसमें राष्ट्रपति नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की सलाह पर प्ररूप निर्धारित करते हैं; यह उसकी नियुक्ति नहीं बताता।

अवधारणा

यह प्रश्न संवैधानिक पदों की नियुक्ति और वित्तीय जवाबदेही वाले भाग से जुड़ा है। आरएएस में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक पर प्रश्न बार-बार इसलिए आते हैं क्योंकि अनुच्छेद 148-151 में नियुक्ति, कर्तव्य, लेखा-प्ररूप और रिपोर्ट जैसे निकट दिखने वाले लेकिन अलग-अलग प्रावधान हैं।

स्रोत

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