RAS प्रश्न
नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 किन देशों से आए उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता का मार्ग देता है?
सही उत्तर: (A) पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान।
नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए निर्दिष्ट उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता का मार्ग देता है।
व्याख्या
नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 में हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के उन व्यक्तियों के लिए प्रावधान है जो अफगानिस्तान, बांग्लादेश या पाकिस्तान से भारत आए हों। पात्रता के लिए प्रवेश 31 दिसंबर, 2014 को या उससे पहले होना चाहिए। इसलिए पात्र देशों का समूह पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान है। म्यांमार, नेपाल या श्रीलंका जोड़ने पर वैधानिक देश-सूची बदल जाती है, क्योंकि गृह मंत्रालय के प्रकाशित अधिनियम में देशों के रूप में केवल अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान लिखे हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) म्यांमार नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 के पात्र देशों में नहीं है; यह देश-सूची अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान तक सीमित है।
- (C) नेपाल नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 में शामिल देश नहीं है; अधिनियम में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान का ही उल्लेख है।
- (D) श्रीलंका इस प्रावधान के पात्र देशों में नहीं आता; वैधानिक देश-सूची अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान तक सीमित है।
अवधारणा
भारतीय संविधान एवं शासन में नागरिकता कानून और संशोधन अधिनियमों की वैधानिक पात्रता के लिए देश-सूची और समय-सीमा निर्णायक रहती है। RAS में नागरिकता से जुड़े ऐसे तथ्य महत्त्वपूर्ण हैं, क्योंकि छोटी-सी देश-सूची या तारीख बदलने से उत्तर बदल जाता है।
