RAS प्रश्न
चोल नौसेना प्राचीन विश्व की सबसे शक्तिशाली नौसेनाओं में से एक थी और निम्न पर नियंत्रण रखती थी:
सही उत्तर: (B) बंगाल की खाड़ी, हिंद महासागर के हिस्से और दक्षिण-पूर्व एशिया के व्यापार मार्ग।
चोल नौसेना ने बंगाल की खाड़ी, हिंद महासागर के हिस्सों और दक्षिण-पूर्व एशिया तक जाने वाले व्यापार मार्गों पर प्रभावी नियंत्रण रखा।
व्याख्या
राजराजा प्रथम और राजेंद्र प्रथम के समय चोल शक्ति सिर्फ स्थल-विस्तार तक सीमित नहीं रही। राजराजा के नौसैनिक अभियान से मालदीव, मालाबार तट और उत्तरी श्रीलंका पर चोल अधिकार बना, जो दक्षिण-पूर्व एशिया और अरब क्षेत्र के व्यापार के लिए जरूरी पड़ाव थे। राजेंद्र के समय 1025 ई. में श्रीविजय के विरुद्ध बड़ा नौसैनिक अभियान हुआ, जिसका कारण भारतीय जहाजरानी और व्यापारिक हितों में बाधा थी। बंगाल की खाड़ी, हिंद महासागर के हिस्से और दक्षिण-पूर्व एशिया के व्यापार मार्ग चोल समुद्री प्रभाव के मुख्य क्षेत्र थे; चोल नौसेना का महत्व इसी समुद्री व्यापार-नियंत्रण से समझ आता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) केवल अरब सागर तक चोल समुद्री शक्ति को सीमित करना अधूरा है, क्योंकि यह दक्षिण-पूर्व एशिया और बंगाल की खाड़ी से जुड़े व्यापार मार्गों तक सक्रिय थी।
- (C) चोल नौसेना को केवल तटीय जल तक सीमित मानना गलत है, क्योंकि मालदीव, श्रीलंका और श्रीविजय तक नौसैनिक अभियान और समुद्री व्यापार-मार्ग इससे जुड़े थे।
- (D) केवल नदियों तक चोल नौसेना का क्षेत्र सीमित नहीं था, क्योंकि चोल शक्ति समुद्री अभियानों, द्वीपों और समुद्री व्यापार से जुड़ी थी।
अवधारणा
मध्यकालीन दक्षिण भारत में चोलों की नौसैनिक शक्ति और समुद्री व्यापार-नियंत्रण एक प्रमुख ऐतिहासिक अवधारणा है। चोल साम्राज्य में प्रशासन, व्यापार और बाहरी संपर्क आपस में गहराई से जुड़े थे।
