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RAS प्रश्न

हर्ष के शासनकाल में भारत आने वाला चीनी तीर्थयात्री कौन था?

सही उत्तर: (A) ह्वेनसांग।

हर्ष के शासनकाल में भारत आने वाला चीनी तीर्थयात्री ह्वेनसांग था।

  1. (A)

    ह्वेनसांग

  2. (B)

    मेगस्थनीज

  3. (C)

    इत्सिंग

  4. (D)

    फाह्यान

व्याख्या

हर्ष के शासनकाल से जुड़ी समय-रेखा निर्णायक है। ह्वेनसांग (शुआनज़ांग) 630-645 ई. के बीच भारत आया, यानी वह हर्ष के शासनकाल का यात्री था। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान के अनुसार ह्वेनसांग हर्ष के शासन पर विस्तार से लिखने वाला चीनी यात्री था; उसे चीनी तीर्थयात्री भी माना जाता है। इसी कारण उसका नाम हर्ष-कालीन राजनीति, धर्म और शिक्षा से जुड़े प्रसंगों में आता है। उसने नालंदा में अध्ययन किया, सी-यू-की में भारत का वर्णन किया और हर्ष की कन्नौज व प्रयाग सभाओं का वर्णन किया। हर्षकालीन चीनी तीर्थयात्री ह्वेनसांग ही था, कोई अन्य यात्री नहीं।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) मेगस्थनीज यूनानी राजदूत था और उसका संबंध चंद्रगुप्त मौर्य से था, इसलिए वह हर्ष-काल में भारत आया चीनी तीर्थयात्री नहीं हो सकता।
  • (C) इत्सिंग भारत आया जरूर, पर उसकी यात्रा हर्ष की मृत्यु के बाद हुई, इसलिए उसे हर्ष के शासनकाल का यात्री नहीं माना जाएगा।
  • (D) फाह्यान का संबंध चंद्रगुप्त द्वितीय के शासनकाल से है, इसलिए वह हर्षवर्धन के युग वाला चीनी तीर्थयात्री नहीं था।

अवधारणा

प्राचीन भारत के विदेशी यात्रियों और हर्षवर्धन-कालीन स्रोतों की पहचान RAS के लिए महत्वपूर्ण है। यात्री-वृत्तांतों से शासक, संस्थान और सांस्कृतिक जीवन के संबंध बार-बार पूछे जाते हैं।

स्रोत

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