Aspirant Academy

RAS प्रश्न

राजस्थान का चारी नृत्य, जिसमें महिलाएं सिर पर जलती हुई रूई वाले पीतल के बर्तन लेकर नृत्य करती हैं, किस समुदाय से संबंधित है?

सही उत्तर: (D) किशनगढ़ क्षेत्र के गुज्जर और सैनी समुदाय।

राजस्थान का चारी नृत्य अजमेर-किशनगढ़ क्षेत्र के गुज्जर और सैनी समुदायों से जुड़ा महिला-समूह लोकनृत्य है।

  1. (A)

    कालबेलिया समुदाय

  2. (B)

    भील जनजाति

  3. (C)

    मीणा जनजाति

  4. (D)

    किशनगढ़ क्षेत्र के गुज्जर और सैनी समुदाय

व्याख्या

चारी नृत्य में महिलाएं सिर पर चरी, यानी मिट्टी या पीतल का बर्तन, संतुलित रखकर नृत्य करती हैं; कई बार उस बर्तन में तेल में भीगी रुई या जलता दीपक रखा होता है। यह नृत्य अजमेर और किशनगढ़ से संबंधित है और किशनगढ़-अजमेर के गुज्जर तथा सैनी समुदायों में प्रमुख माना जाता है। इसलिए सही समुदाय केवल कोई सामान्य जनजातीय या लोकनृत्य परंपरा नहीं, बल्कि वही स्थानीय गुज्जर-सैनी संदर्भ है। इसे त्योहारों और विवाहों में किया जाता है और यह जल व समृद्धि के उत्सव से जुड़ा माना जाता है। सिर पर जलता बर्तन रखकर संतुलित, सुंदर गतियां करना इसकी पहचान है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) कालबेलिया समुदाय की पहचान अलग सर्प-सपेरा परंपरा वाले नृत्य से जुड़ी है, जबकि चारी नृत्य अजमेर-किशनगढ़ के गुज्जर और सैनी समुदायों से जुड़ा है।
  • (B) भील जनजाति की अपनी अलग लोकनृत्य परंपराएं हैं, इसलिए सिर पर जलती चरी रखकर किया जाने वाला यह नृत्य भील समुदाय का नहीं माना जाता।
  • (C) मीणा जनजाति की लोकनृत्य परंपराएं अलग हैं; चारी नृत्य मीणा समुदाय से नहीं, गुज्जर-सैनी संदर्भ से जुड़ा है।

अवधारणा

राजस्थान की लोकनृत्य परंपराओं में नृत्य, क्षेत्र और समुदाय का संबंध महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार पूछे जाते हैं क्योंकि कला-संस्कृति में स्थानीय पहचान और प्रदर्शन-शैली दोनों याद रखने होते हैं।

स्रोत

संबंधित प्रश्न