RAS प्रश्न
ताम्रपाषाण काल की विशेषता किसके प्रयोग से है?
सही उत्तर: (D) तांबे और पत्थर के उपकरण एक साथ।
ताम्रपाषाण काल की पहचान तांबे और पत्थर के उपकरणों के साथ-साथ प्रयोग से होती है।
व्याख्या
ताम्रपाषाण का अर्थ ही तांबा और पत्थर है, इसलिए इस काल की मुख्य पहचान दोनों प्रकार के उपकरणों का साथ-साथ प्रयोग है। उस समय लोग तांबे में टिन मिलाकर कांस्य बनाने की तकनीक नहीं जानते थे। Encyclopaedia Britannica भी ताम्रपाषाण को तांबा-पत्थर काल बताता है और इसे शुद्ध तांबे के शुरुआती प्रयोग से जोड़ता है, जहां तांबा पहले से चले आ रहे औजार-निर्माण पदार्थ, यानी पत्थर, के साथ आता है। इसलिए यहां ध्यान केवल धातु के नाम पर नहीं, बल्कि तांबे और पत्थर के संयुक्त प्रयोग पर रखना है। इसी कारण विकल्प D सबसे सटीक है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) केवल कांस्य उपकरण कहना गलत है, क्योंकि उस समय तांबे में टिन मिलाकर कांस्य बनाने की तकनीक विकसित नहीं हुई थी।
- (B) लोहे और पत्थर के उपकरण एक साथ कहना गलत है, क्योंकि ताम्रपाषाण की पहचान लोहे से नहीं, तांबे और पत्थर के संयुक्त प्रयोग से है।
- (C) केवल तांबे के उपकरण कहना अधूरा है, क्योंकि ताम्रपाषाण को तांबा-पत्थर काल माना जाता है और इसमें पत्थर के उपकरण भी साथ-साथ चलते हैं।
अवधारणा
यह प्रश्न प्राचीन भारतीय इतिहास में काल-विभाजन और औजार-तकनीक की पहचान जांचता है। RAS में ऐसे प्रश्न इसलिए दोहराए जाते हैं क्योंकि एक शब्द, जैसे ताम्रपाषाण, में ही सही काल-लक्षण छिपा होता है।
