RAS प्रश्न
संसद की कार्य मंत्रणा समिति:
सही उत्तर: (B) सदन की समय-सारणी तय करती है तथा विभिन्न विधेयकों और प्रस्तावों पर चर्चा का समय बाँटती है।
संसद की कार्य मंत्रणा समिति सदन की समय-सारणी को व्यवस्थित करती है और विभिन्न विधेयकों, प्रस्तावों तथा अन्य कार्यों पर चर्चा के लिए समय आवंटित करती है।
व्याख्या
कार्य मंत्रणा समिति का मूल काम सदन के समय का व्यावहारिक प्रबंधन है। यह समिति सदन की समय-सारणी तय करती है और विधेयकों तथा प्रस्तावों पर चर्चा के लिए समय बाँटती है। राज्यसभा के 265वें सत्र में इसी समिति की 5 बैठकें हुईं, जिनमें सरकारी विधायी और अन्य कार्यों के लिए समय आवंटित किया गया और उसकी सिफारिशें सदन में बताई गईं। यह समिति आर्थिक सलाह, कंपनियों के प्रबंधन या व्यापार नीति बनाने वाली संस्था नहीं है, बल्कि सदन के कामकाज को समयबद्ध चलाने वाली संसदीय समिति है। लोकसभा में अध्यक्ष इसके सभापति होते हैं और 15 सदस्य होते हैं; राज्यसभा में सभापति इसका नेतृत्व करते हैं और 11 सदस्य होते हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) आर्थिक मामलों पर प्रधानमंत्री को सलाह देना कार्य मंत्रणा समिति का काम नहीं है; इसका काम सदन के कार्यों के लिए समय बाँटना है।
- (C) सरकारी कंपनियों का प्रबंधन प्रशासनिक या वाणिज्यिक विषय है, जबकि कार्य मंत्रणा समिति सदन के विधायी और अन्य कार्यों की समय-व्यवस्था से जुड़ी है।
- (D) सरकारी व्यापार नीतियों पर निर्णय लेना इस समिति की भूमिका नहीं है; यह सदन में किन कार्यों पर कितना समय लगेगा, उस पर सिफारिश करती है।
अवधारणा
संसदीय समितियों की भूमिका समझने के लिए उनके नाम और काम में फर्क साफ रखना जरूरी है। RAS में ऐसी समितियाँ बार-बार इसलिए आती हैं क्योंकि इनके नाम मिलते-जुलते लगते हैं, पर भूमिका अलग होती है।
