RAS प्रश्न
बिजोलिया किसान आंदोलन मुख्य रूप से किसके विरुद्ध था?
सही उत्तर: (A) अत्यधिक भू-राजस्व और बेगार (बंधुआ श्रम)।
बिजोलिया किसान आंदोलन मुख्य रूप से अत्यधिक भू-राजस्व, 84 तरह की लागतों और बेगार के विरुद्ध था।
व्याख्या
बिजोलिया आंदोलन मेवाड़ राज्य की बिजोलिया जागीर में किसानों का आंदोलन था, जिसका मूल कारण अत्यधिक भू-राजस्व और दूसरे कर थे। आंदोलन का कारण अत्यधिक भू-राजस्व वसूली थी और उसका लक्ष्य भू-राजस्व तथा अन्य करों में कमी कराना था। किसानों पर 84 तरह की लागतों और बेगार का बोझ था। इसलिए आंदोलन का निशाना सीधे अंग्रेज नहीं थे, बल्कि मेवाड़ की जागीरदारी व्यवस्था में जागीरदार की दमनकारी राजस्व वसूली और बिना मजदूरी कराए जाने वाला श्रम था। यही कारण है कि विकल्प A सही बैठता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) अंग्रेजों द्वारा लगाई गई ज़मींदारी प्रथा यहां मुख्य मुद्दा नहीं थी, क्योंकि आंदोलन मेवाड़ की बिजोलिया जागीर में जागीरदार की राजस्व वसूली और बेगार के विरुद्ध था।
- (C) कृषि का व्यावसायीकरण बिजोलिया आंदोलन का कारण नहीं था; मुख्य मुद्दे भू-राजस्व, अन्य कर और बेगार थे।
- (D) स्थायी बंदोबस्त बिजोलिया आंदोलन से जुड़ा मुख्य कारण नहीं था, क्योंकि यह आंदोलन मेवाड़ की जागीर और उसके कर-श्रम बोझ से जुड़ा था।
अवधारणा
बिजोलिया आंदोलन राजस्थान के किसान आंदोलनों में वास्तविक आर्थिक कारणों को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। RAS में यह विषय बार-बार आता है, क्योंकि इससे मेवाड़ की जागीरदारी व्यवस्था, किसान असंतोष और स्थानीय जन-आंदोलनों की समझ बनती है।
