RAS प्रश्न
भोपा राजस्थान में एक पुजारी-कलाकार होता है। महिला भोपा को क्या कहा जाता है?
सही उत्तर: (C) भोपी।
राजस्थान की फड़ प्रदर्शन परंपरा में पुरुष कलाकार भोपा और उसकी पत्नी या महिला साथी भोपी कहलाती है।
व्याख्या
फड़ परंपरा में पुरुष पुजारी-कलाकार भोपा होता है और उसकी पत्नी या महिला साथी भोपी कहलाती है। Sahapedia के पाबूजी महाकाव्य वाले लेख में पश्चिमी राजस्थान की लोक परंपरा के गाथा-गायकों के लिए पुरुष भोपा और महिला भोपी नाम आते हैं; ये कलाकार बड़े चित्रित पट की मदद से कथा के मुख्य प्रसंग दिखाते हैं। रात भर चलने वाले प्रदर्शन में भोपा रावणहत्था बजाकर गाथा गाता है, जबकि भोपी तेल का दीपक पकड़कर चित्रित कपड़े के संबंधित हिस्से रोशन करती और नृत्य करती है। इसलिए यह केवल स्त्रीलिंग बनाने का मामला नहीं, बल्कि फड़ प्रदर्शन की निश्चित जोड़ी और कार्य-विभाजन का पारंपरिक नाम है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) देवरानी पारिवारिक संबंध का शब्द है; फड़ प्रदर्शन में महिला भोपा या साथी कलाकार के लिए दिया गया पारंपरिक नाम भोपी है।
- (B) भोपानी सुनने में भोपा से बना शब्द लग सकता है, लेकिन फड़ परंपरा में महिला कलाकार का नाम भोपी है।
- (D) पुजारिन सामान्य स्त्री पुजारी के लिए बोला जा सकता है, पर फड़ परंपरा में भोपा की पत्नी या महिला साथी के लिए विशिष्ट शब्द भोपी है।
अवधारणा
राजस्थान की लोक-कला और प्रदर्शन परंपराओं में कलाकारों की भूमिकाओं की पहचान महत्त्वपूर्ण है। RAS में फड़, पाबूजी, भोपा-भोपी और वाद्य-सहयोग जैसे तथ्य इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि वे राजस्थान की कला, संस्कृति और लोक-स्मृति को जोड़ते हैं।
