RAS प्रश्न
अशोक का भाब्रू (बैराठ) शिलालेख इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें:
सही उत्तर: (A) अशोक की बौद्ध धर्म में आस्था और विशिष्ट बौद्ध ग्रंथों की अनुशंसा है।
भाब्रू (बैराठ) शिलालेख महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें अशोक बुद्ध, धम्म और संघ में अपनी आस्था घोषित करता है और अध्ययन के लिए 7 विशिष्ट बौद्ध ग्रंथों की अनुशंसा करता है।
व्याख्या
भाब्रू (बैराठ) शिलालेख को अशोक के बौद्ध संबंध को समझने के लिए खास माना जाता है, क्योंकि इसी शिलालेख में वह बुद्ध, धम्म और संघ के प्रति अपनी आस्था साफ शब्दों में व्यक्त करता है। अशोक कहता है कि भगवान बुद्ध ने जो कहा है, वह उत्तम कहा है। इसी के साथ वह 7 धम्म ग्रंथों को लगातार पढ़ने और याद रखने की बात कहता है; Cambridge University Repository के अनुसार इसका संबंध आरंभिक पालि परंपरा से है। इसका महत्व व्यापार, शहर-स्थापना या सैन्य विजय से नहीं, बल्कि अशोक की बौद्ध आस्था और अनुशंसित बौद्ध पाठों से जुड़ा है। मूल अभिलेख बैराठ में मिला और बाद में कलकत्ता संग्रहालय ले जाया गया।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) राजस्थान से गुजरने वाले व्यापार मार्ग इस शिलालेख का केंद्र नहीं हैं; इसका संबंध बौद्ध आस्था और ग्रंथों की अनुशंसा से है।
- (C) जयपुर की स्थापना 1727 में हुई थी, इसलिए मौर्यकालीन अशोक शिलालेख में उसकी स्थापना का उल्लेख होना कालक्रम के आधार पर असंगत है।
- (D) अशोक की सैन्य विजयों की सूची इस अभिलेख का उद्देश्य नहीं है; इसका महत्व बुद्ध, धम्म, संघ और 7 धम्म ग्रंथों की अनुशंसा के कारण है।
अवधारणा
राजस्थान में मौर्यकालीन अभिलेखीय साक्ष्य और अशोक का धम्म स्थानीय स्थल, अभिलेख और धार्मिक-राजनीतिक इतिहास को एक साथ जोड़ते हैं। RAS में ऐसे प्रसंग बार-बार पूछे जाते हैं।
