RAS प्रश्न
बेणेश्वर मेला मुख्य रूप से राजस्थान के किस जनजातीय समुदाय द्वारा मनाया जाता है?
सही उत्तर: (B) भील।
डूंगरपुर के बेणेश्वर मेले में मुख्य रूप से राजस्थान का भील आदिवासी समुदाय भाग लेता है।
व्याख्या
बेणेश्वर मेला डूंगरपुर में सोम, माही और जाखम नदियों के संगम पर लगता है और इसकी मुख्य पहचान भील समुदाय से है। राजस्थान सरकार का पर्यटन विभाग इसे बेणेश्वर मंदिर में आयोजित होने वाला लोकप्रिय जनजातीय उत्सव बताता है, जिसमें गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश से भील समुदाय के लोग माही और सोम नदियों के संगम पर स्नान करने आते हैं। इसी कारण इसे आदिवासियों का कुंभ कहा जाता है। इसका अर्थ यह नहीं कि सभी जनजातीय समुदायों का इस मेले से समान जुड़ाव है; यह नाम खास तौर पर मेले और भील समुदाय के गहरे संबंध को दर्शाता है। संत मावजी महाराज को इस मेले की उत्पत्ति से जोड़ा जाता है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) गरासिया सही उत्तर नहीं है। गरासिया समुदाय के लोग मेले में आ सकते हैं, लेकिन इसकी मुख्य जनजातीय पहचान भील समुदाय से है।
- (C) मीणा सही उत्तर नहीं है, क्योंकि मेला डूंगरपुर में लगता है और इसकी मुख्य पहचान भील समुदाय से है, जबकि मीणा समुदाय मुख्यतः पूर्वी राजस्थान से जुड़ा है।
- (D) सहरिया सही उत्तर नहीं है, क्योंकि सहरिया समुदाय मुख्यतः बारां क्षेत्र से जुड़ा है, डूंगरपुर के बेणेश्वर मेले से नहीं।
अवधारणा
यह प्रश्न राजस्थान के जनजातीय मेलों और सांस्कृतिक भूगोल की समझ जाँचता है। इसमें मेले, उसके स्थान और उससे मुख्य रूप से जुड़े समुदाय का सही मिलान करना होता है। RAS की संस्कृति से जुड़े प्रश्नों में ऐसे संबंध अक्सर पूछे जाते हैं, क्योंकि इनमें स्थानों की जानकारी के साथ अलग-अलग समुदायों की परंपराओं की समझ भी चाहिए।
