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RAS प्रश्न

दक्षिणी राजस्थान में बेणेश्वर मेला किन नदियों के संगम पर लगता है?

सही उत्तर: (C) माही, सोम, और जाखम।

दक्षिणी राजस्थान का बेणेश्वर मेला बेणेश्वर धाम के पास माही, सोम और जाखम नदियों के त्रिवेणी संगम पर लगता है।

  1. (A)

    बेड़च और गंभीरी

  2. (B)

    लूणी और जवाई

  3. (C)

    माही, सोम, और जाखम

  4. (D)

    चम्बल और बनास

व्याख्या

बेणेश्वर मेले की पहचान उसके स्थल से जुड़ी है। यह डूंगरपुर जिले के बेणेश्वर धाम में उस द्वीप पर लगता है, जहां माही, सोम और जाखम नदियाँ मिलती हैं। देवस्थान विभाग की बेणेश्वर धाम रिपोर्ट इस त्रिवेणी संगम को धार्मिक महत्व का स्थान बताती है। मेला माघ एकादशी से माघ पूर्णिमा तक लगता है और पूर्णिमा को अपने चरम पर पहुँचता है, जब श्रद्धालु संगम के पवित्र जल में स्नान करते हैं। इसलिए माही, सोम और जाखम ही पूरा उत्तर है; सोम और माही जैसी जोड़ी तीसरी नदी को छोड़ देती है। रिपोर्ट इसे सबसे बड़ा आदिवासी मेला बताती है; इसे आदिवासी समुदायों का कुंभ भी कहा जाता है और भील व गरासिया समुदायों से इसका खास संबंध है।

बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं

  • (A) बेड़च और गंभीरी बेणेश्वर धाम का त्रिवेणी संगम नहीं बनातीं; यह माही, सोम और जाखम नदियों का संगम है।
  • (B) लूणी और जवाई पश्चिमी राजस्थान से जुड़ी हैं; बेणेश्वर मेला डूंगरपुर में माही, सोम और जाखम नदियों के संगम पर लगता है।
  • (D) चम्बल और बनास नदियों का संगम बेणेश्वर धाम से जुड़ा नहीं है; बेणेश्वर धाम की पहचान माही, सोम और जाखम नदियों के संगम से है।

अवधारणा

यह प्रश्न पूछता है कि राजस्थान के मेले और त्योहार किन स्थानों पर लगते हैं। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं, क्योंकि मेलों को अक्सर उनके जिले, उनसे जुड़े जनजातीय समुदायों और आसपास की नदियों के साथ जोड़कर पूछा जाता है। बेणेश्वर परीक्षा की दृष्टि से खास है, क्योंकि यहाँ का आदिवासी मेला दक्षिणी राजस्थान के त्रिवेणी संगम पर लगता है।

स्रोत

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