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Aspirant Academy

RAS प्रश्न

तालीकोट का युद्ध (1565) किस साम्राज्य के पतन का कारण बना?

सही उत्तर: (D) विजयनगर साम्राज्य।

1565 का तालीकोट या रक्षसी-तंगडी युद्ध विजयनगर साम्राज्य के पतन का निर्णायक कारण बना।

  1. (A)

    बहमनी सल्तनत

  2. (B)

    मुगल साम्राज्य

  3. (C)

    होयसल वंश

  4. (D)

    विजयनगर साम्राज्य

व्याख्या

तालीकोट का युद्ध 1565 में विजयनगर साम्राज्य और दक्कन सल्तनतों की संयुक्त सेनाओं के बीच हुआ। NCERT के अनुसार राम राय, जो विजयनगर के मुख्य मंत्री थे, सेना को रक्षसी-तंगडी यानी तालीकोट के युद्ध में ले गए, जहां उनकी सेना बीजापुर, अहमदनगर और गोलकुंडा की संयुक्त सेनाओं से पराजित हुई। इस हार के बाद विजयी सेनाओं ने विजयनगर नगर को लूटा और कुछ ही वर्षों में शहर पूरी तरह छोड़ दिया गया। पतन का मतलब यहां सामान्य कमजोर पड़ना नहीं था; राजधानी की लूट, परित्याग और साम्राज्य के केंद्र का पूर्व की ओर खिसकना इसका निर्णायक राजनीतिक परिणाम था।

बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं

  • (A) बहमनी सल्तनत सही नहीं है, क्योंकि वह पहले ही टूट चुकी थी और 1565 की लड़ाई विजयनगर के विरुद्ध दक्कन सल्तनतों की संयुक्त सेनाओं से जुड़ी थी।
  • (B) मुगल साम्राज्य सही नहीं है, क्योंकि मुगलों की इसमें भागीदारी नहीं थी; युद्ध विजयनगर और दक्कन सल्तनतों की संयुक्त सेनाओं के बीच हुआ था।
  • (C) होयसल वंश सही नहीं है, क्योंकि होयसल बहुत पहले समाप्त हो चुके थे, जबकि 1565 की पराजय विजयनगर साम्राज्य से संबंधित थी।

अवधारणा

मध्यकालीन दक्षिण भारत में विजयनगर, दक्कन सल्तनतों और तालीकोट युद्ध का राजनीतिक परिणाम साम्राज्य के उत्कर्ष, पतन और शक्ति-संतुलन को एक साथ समझने के लिए महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसे युद्ध इसी कारण बार-बार पूछे जाते हैं।

स्रोत

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