RAS प्रश्न
1544 ई. में लड़ा गया सुमेल (या जैतारण) का युद्ध राव मालदेव (मारवाड़) और किसके बीच हुआ?
सही उत्तर: (A) शेरशाह सूरी।
1544 ई. में सुमेल या जैतारण का युद्ध मारवाड़ के राव मालदेव और शेरशाह सूरी के बीच हुआ था।
व्याख्या
सुमेल, जिसे जैतारण या गिरी-सुमेल युद्ध भी कहा जाता है, 1544 ई. में मारवाड़ के राव मालदेव और शेरशाह सूरी की सेनाओं के बीच लड़ा गया। यह युद्ध शेरशाह सूरी और राव मालदेव की सेनाओं के बीच हुआ गिरी-सुमेल युद्ध था, और इसका वर्ष 1544 था। इसलिए विकल्प A युद्ध के सही पक्षों की सीधी पहचान कराता है। शुरुआती राजपूत बढ़त के बावजूद शेरशाह ने छल से जीत प्राप्त की। इसी प्रसंग से जुड़ी शेरशाह की प्रसिद्ध टिप्पणी है कि वह मुट्ठी भर बाजरे के लिए हिंदुस्तान की सल्तनत लगभग छोड़ देता।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) बाबर 1530 ई. में ही मर चुका था, इसलिए 1544 ई. के सुमेल युद्ध में वह राव मालदेव का प्रतिद्वंद्वी नहीं हो सकता था।
- (C) हुमायूँ उस दौर का मुगल शासक जरूर था, लेकिन इस युद्ध से पहले शेरशाह सूरी ने उसे भारत से बाहर कर दिया था, इसलिए सुमेल में मुकाबला राव मालदेव और शेरशाह के बीच था।
- (D) अकबर 1542 में जन्मा था और 1544 के समय लगभग 2 वर्ष का था, इसलिए वह इस युद्ध का पक्षकार नहीं हो सकता था।
अवधारणा
राजस्थान के मध्यकालीन इतिहास में मारवाड़ और अफगान सत्ता-संघर्ष से जुड़े प्रमुख युद्धों की पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार पूछे जाते हैं क्योंकि नाम, वर्ष और प्रतिद्वंद्वी बदलते ही पूरा ऐतिहासिक संदर्भ बदल जाता है।
