RAS प्रश्न
सारंगपुर का युद्ध (1437) राणा कुम्भा और किसके बीच लड़ा गया?
सही उत्तर: (D) मालवा के महमूद खिलजी।
सारंगपुर का युद्ध 1437 में मेवाड़ के राणा कुम्भा और मालवा के महमूद खिलजी के बीच लड़ा गया था।
व्याख्या
सारंगपुर का युद्ध 15वीं सदी में मेवाड़ और मालवा के बीच चल रहे संघर्ष का हिस्सा था। राणा कुम्भा के अधीन मेवाड़ पड़ोसी राजपूत सरदारों को अधीन करके उन्हें अपने राज्य का हिस्सा बना रहा था। इस आक्रामक नीति से मालवा को सीधा खतरा था। इसलिए 1437 में ही महमूद खिलजी को राणा कुम्भा का सामना करना पड़ा। सारंगपुर में महमूद खिलजी पराजित हुआ और बंदी बना लिया गया। बाद में राणा कुम्भा ने इस निर्णायक विजय की स्मृति में चित्तौड़गढ़ में विजय स्तम्भ बनवाया। इसलिए 1437 के इस युद्ध में राणा कुम्भा का प्रतिद्वंद्वी दिल्ली, गुजरात या मारवाड़ का कोई शासक नहीं, बल्कि मालवा का सुल्तान महमूद खिलजी था।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) दिल्ली के बहलोल लोदी का सारंगपुर के युद्ध से संबंध नहीं था; यह युद्ध राणा कुम्भा और मालवा के महमूद खिलजी के बीच हुआ था।
- (B) गुजरात के अहमद शाह प्रथम और राणा कुम्भा के बीच भी क्षेत्रीय संघर्ष हुए थे, लेकिन सारंगपुर का युद्ध मालवा के महमूद खिलजी के साथ हुआ था।
- (C) मारवाड़ के राव जोधा राणा कुम्भा के राजपूत समकालीन थे, लेकिन सारंगपुर में राणा कुम्भा का सामना मालवा के महमूद खिलजी से हुआ था।
अवधारणा
यह प्रश्न 15वीं सदी के राजस्थान के राजनीतिक इतिहास और खासकर राणा कुम्भा के समय मेवाड़ के संघर्षों की समझ जाँचता है। RAS में युद्ध और उसके प्रतिद्वंद्वी की जोड़ियाँ बार-बार पूछी जाती हैं, क्योंकि इनके ज़रिए शासकों, क्षेत्रीय शक्तियों और विजय स्तम्भ जैसे स्मारकों के बीच संबंध समझे जाते हैं।
