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RAS प्रश्न

रावतभाटा के निकट बारोली मंदिर किस वास्तुशिल्प शैली में बने हैं?

सही उत्तर: (A) नागर।

रावतभाटा के पास बारोली में 10वीं शताब्दी की विकसित गुर्जर-प्रतिहार परंपरा की नागर शैली में बने मंदिरों का समूह है।

  1. (A)

    नागर

  2. (B)

    वेसर

  3. (C)

    पंचायतन

  4. (D)

    द्राविड़

व्याख्या

बारोली, जिसे बडोली भी लिखा जाता है, चित्तौड़गढ़ जिले की रावतभाटा तहसील में चंबल नदी के किनारे स्थित है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की जयपुर मंडल सूची में इसे ‘घटेश्वर मंदिर, बडोली’ के नाम से दर्ज किया गया है। प्राकृतिक झरने के आसपास 8 मंदिर हैं और 9वाँ मंदिर लगभग 1 किलोमीटर दूर है। ये मंदिर 10वीं शताब्दी ईस्वी के हैं और विकसित गुर्जर-प्रतिहार परंपरा को दर्शाते हैं। घटेश्वर, महिषमर्दिनी और त्रिमूर्ति मंदिरों में भव्य एकल नागर शिखर सुरक्षित हैं। घटेश्वर मंदिर खास तौर पर प्रमुख है; इसमें पंचरथ गर्भगृह, अंतराल और मुखमंडप हैं। इसीलिए बारोली की वास्तुशिल्प शैली नागर मानी जाती है। इसके मंदिरों का स्वरूप उत्तर भारतीय है, वे प्रतिहार शिल्प-परंपरा के हैं और उनके शिखर नागर मंदिर वास्तुकला से जुड़े हैं; वे वेसर या द्राविड़ शैली के नहीं हैं।

बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं

  • (B) वेसर दक्कन की मिश्रित शैली है; बारोली के मंदिर गुर्जर-प्रतिहार परंपरा के हैं और उनमें नागर शिखर मिलते हैं।
  • (C) पंचायतन मंदिर-विन्यास का एक प्रकार है, वास्तुशिल्प शैली नहीं। घटेश्वर में पंचरथ गर्भगृह है; इससे पूरा समूह पंचायतन नहीं हो जाता।
  • (D) द्राविड़ दक्षिण भारतीय मंदिर शैली है, जबकि बारोली के मंदिरों का स्वरूप उत्तर भारतीय है और वे नागर परंपरा के हैं।

अवधारणा

राजस्थान की आरंभिक मध्यकालीन मंदिर वास्तुकला में गुर्जर-प्रतिहार परंपरा की नागर शैली शामिल है। RAS के लिए बारोली जैसे संरक्षित स्मारकों को उनके स्थान और वास्तुशिल्प शैली के साथ पढ़ना उपयोगी है।

स्रोत

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