RAS प्रश्न
वैदिक यज्ञ प्रणाली में अथर्ववेद किस पुरोहित से संबंधित है?
सही उत्तर: (B) ब्रह्मा।
वैदिक यज्ञ प्रणाली में अथर्ववेद ब्रह्मा पुरोहित से संबंधित है, जो संपूर्ण यज्ञ की निगरानी से जुड़ा माना जाता है।
व्याख्या
वैदिक यज्ञ प्रणाली में चार वेदों के साथ चार प्रमुख पुरोहित भूमिकाएँ जुड़ी मानी जाती हैं। ब्राह्मण ग्रंथों के यज्ञ-विधान में पुरोहित कार्यों के चार वर्ग माने गए हैं: होत्र ऋग्वेद से, अध्वर्यु यजुर्वेद से, उद्गात्र सामवेद से और ब्रह्मा अथर्ववेद से। इसलिए सही उत्तर ब्रह्मा है। बात केवल नाम याद करने की नहीं है; वेद और यज्ञीय भूमिका का संबंध निर्णायक है। होत्र पाठ करता है, उद्गात्र गायन से जुड़ा है, अध्वर्यु अनुष्ठान कराने वाला है, जबकि ब्रह्मा संपूर्ण यज्ञ की निगरानी से जुड़ा है। इसी कारण अथर्ववेद का संबंध ब्रह्मा पुरोहित से माना जाता है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) अध्वर्यु यजुर्वेद से संबंधित पुरोहित है, इसलिए उसे अथर्ववेद से जोड़ना वेद-पुरोहित संबंध को उलट देता है।
- (C) उद्गात्र सामवेद से संबंधित है, क्योंकि उसकी भूमिका गायन से जुड़ी मानी जाती है; उसका संबंध अथर्ववेद से नहीं है।
- (D) होत्र ऋग्वेद से संबंधित पाठक पुरोहित है, इसलिए अथर्ववेद के लिए होत्र सही नहीं है।
अवधारणा
वैदिक साहित्य और यज्ञीय पुरोहित-वर्गीकरण की मूल समझ RAS तैयारी के लिए जरूरी है। RAS में ऐसे प्रसंग बार-बार आते हैं क्योंकि चारों वेदों को केवल ग्रंथ नहीं, बल्कि उनकी धार्मिक भूमिका के साथ पढ़ना पड़ता है।
