RAS प्रश्न
वैदिक काल में अश्वमेध यज्ञ किसलिए किया जाता था:
सही उत्तर: (C) संप्रभुता का दावा और क्षेत्र विस्तार।
वैदिक काल में अश्वमेध यज्ञ राजा की संप्रभुता जताने और उसके अधिकार-क्षेत्र के विस्तार को सिद्ध करने के लिए किया जाता था।
व्याख्या
अश्वमेध केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं था; यह राजा की राजनीतिक श्रेष्ठता का सार्वजनिक दावा था। घोड़े को 1 वर्ष तक स्वतंत्र घूमने दिया जाता था और जिस राजा के क्षेत्र में वह प्रवेश करता, उसके सामने दो ही रास्ते रहते थे: अधीनता स्वीकार करना या युद्ध करना। ई-ज्ञानकोश भी अश्वमेध को उस शासक से जोड़ता है जो सार्वभौम सम्राट का दर्जा दावा करता था। वहां यह विचार प्रतिद्वंद्वियों की अधीनता, उनके क्षेत्रों पर अधिकार के विस्तार और साम्राज्य-विस्तार से जुड़ता है। इसलिए सही बात यह है कि अश्वमेध का लक्ष्य मोक्ष, घोड़े-देवताओं की पूजा या फसल नहीं, बल्कि सर्वोच्च राजसत्ता और क्षेत्रीय प्रभुत्व सिद्ध करना था।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) मोक्ष प्राप्ति व्यक्तिगत आध्यात्मिक लक्ष्य है, जबकि अश्वमेध राजा की सर्वोच्च सत्ता और संप्रभुता सिद्ध करने से जुड़ा है।
- (B) अश्वमेध में घोड़ा अनुष्ठान का माध्यम था, पर यह घोड़े-देवताओं की पूजा नहीं, राजकीय प्रभुत्व का दावा था।
- (D) अच्छी फसल सुनिश्चित करना कृषि-संबंधी उद्देश्य होता, जबकि अश्वमेध में स्वतंत्र छोड़े गए घोड़े के रास्ते से अधीनता, युद्ध और अधिकार-क्षेत्र का प्रश्न तय होता था।
अवधारणा
यह प्रश्न वैदिक काल की राजसत्ता, यज्ञ और क्षेत्रीय विस्तार की अवधारणा को जांचता है। RAS में ऐसे प्रश्न इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि प्राचीन भारत में धर्म और राजनीति के संबंध को समझे बिना राजकीय संस्थाओं का विकास साफ नहीं होता।
