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Aspirant Academy

RAS प्रश्न

कौटिल्य का अर्थशास्त्र 1905 में किसने पुनः खोजा था?

सही उत्तर: (B) आर. शामशास्त्री।

मैसूर के सरकारी प्राच्य पुस्तकालय में कार्यरत डॉ. आर. शामशास्त्री ने 1905 में ताड़पत्र पांडुलिपि से कौटिल्य के अर्थशास्त्र की पुनः खोज की।

  1. (A)

    मैक्स मूलर

  2. (B)

    आर. शामशास्त्री

  3. (C)

    ए.एल. बाशम

  4. (D)

    जॉन मार्शल

व्याख्या

आर. शामशास्त्री सही उत्तर हैं। वे मैसूर के सरकारी प्राच्य पुस्तकालय में क्यूरेटर थे। कौटिल्य के अर्थशास्त्र की जिस पांडुलिपि के आधार पर 1905 में पुनः खोज हुई, वह इसी पुस्तकालय को मिली थी। रक्षा अध्ययन एवं विश्लेषण संस्थान के मोनोग्राफ के अनुसार, पूर्ण पाठ 1905 में मिला था और डॉ. आर. शामशास्त्री इस खोज से जुड़े विद्वान थे। तंजौर जिले के एक अनाम पंडित ने भट्टस्वामिन् की टीका सहित एक पांडुलिपि इस पुस्तकालय को सौंपी थी और शामशास्त्री ने इसी पांडुलिपि से ग्रंथ का अनुवाद किया। उन्होंने 1909 में इसका पाठ और 1915 में अंग्रेज़ी अनुवाद प्रकाशित किया। इससे प्राचीन भारतीय इतिहास की इस महत्वपूर्ण पुनः खोज में उनकी भूमिका स्पष्ट होती है।

बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं

  • (A) मैक्स मूलर वैदिक ग्रंथों के संपादन से जुड़े थे; उन्होंने 1905 में पांडुलिपि से कौटिल्य के अर्थशास्त्र की पुनः खोज नहीं की थी।
  • (C) ए.एल. बाशम इतिहासकार थे, लेकिन प्रश्न में बताई गई अर्थशास्त्र की पुनः खोज का श्रेय विशेष रूप से आर. शामशास्त्री को जाता है।
  • (D) जॉन मार्शल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक थे; लेकिन मैसूर में 1905 में अर्थशास्त्र की पांडुलिपि दोबारा खोजने का श्रेय आर. शामशास्त्री को जाता है, जॉन मार्शल को नहीं।

अवधारणा

यह प्रश्न प्राचीन भारतीय स्रोतों के इतिहासलेखन को परखता है: अर्थशास्त्र की खोज कैसे हुई, उसका संपादन कैसे हुआ, वह आधुनिक अध्ययन का हिस्सा कैसे बना, और मौर्यकालीन राज्य-व्यवस्था, प्रशासन तथा कूटनीति को समझने में उसकी क्या भूमिका है। RAS में ऐसे स्रोत-ग्रंथों की खोज, उनके रचनाकार और प्रकाशन-इतिहास से जुड़े प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं।

स्रोत

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