RAS प्रश्न
अर्थशास्त्र में कितने प्रकार के दुर्गों का वर्णन है?
सही उत्तर: (A) चार।
अर्थशास्त्र में दुर्गों के 4 प्राकृतिक आधार हैं: जल, पर्वत, मरुभूमि और वन।
व्याख्या
अर्थशास्त्र में राज्य की सीमाओं के चारों ओर शत्रु से रक्षा के लिए ऐसे स्थानों पर दुर्ग बनाने की व्यवस्था मिलती है जो स्वभाव से रक्षा के लिए उपयुक्त हों। इनमें जल-दुर्ग, पर्वतीय दुर्ग, मरुभूमि-आधारित दुर्ग और वन-दुर्ग शामिल हैं। जल और पर्वत वाले दुर्ग आबादी वाले केंद्रों की रक्षा के लिए उपयुक्त माने गए हैं, जबकि मरुभूमि और वन वाले दुर्ग वन्य क्षेत्र के निवास से जुड़े हैं। इसलिए कुल संख्या 4 है। इस भू-आधारित वर्गीकरण में मृत्तिका या नृ-सैन्यक दुर्ग जोड़ने का आधार नहीं मिलता।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (B) तीन इसलिए गलत है, क्योंकि अर्थशास्त्र में जल, पर्वत, मरुभूमि और वन, ये 4 अलग-अलग प्राकृतिक रक्षात्मक आधार हैं।
- (C) छह इसलिए गलत है, क्योंकि इसमें मृत्तिका और सैन्य दुर्ग की अतिरिक्त गिनती आती है, जबकि इस विशिष्ट भू-आधारित वर्गीकरण में केवल जल, पर्वत, मरुभूमि और वन आते हैं।
- (D) आठ इसलिए गलत है, क्योंकि अर्थशास्त्र में सीमाई रक्षा के लिए दुर्गों के 4 प्राकृतिक आधार माने गए हैं, कोई 8-भागीय व्यवस्था नहीं।
अवधारणा
प्राचीन भारतीय राजव्यवस्था में रक्षा-संगठन और दुर्ग-नीति प्रशासनिक तथा सैन्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा थे। RAS में प्रशासन, सैन्य व्यवस्था और नगर-रक्षा से जुड़े तथ्य बार-बार पूछे जाते हैं।
