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RAS प्रश्न

अलवर चित्रकला शैली पर किस अन्य चित्रकला परंपरा का गहरा प्रभाव दिखाई देता है?

सही उत्तर: (C) मुगल और कंपनी शैली।

अलवर चित्रकला शैली पर मुगल और कंपनी स्कूल का गहरा प्रभाव दिखाई देता है।

  1. (A)

    बंगाल शैली

  2. (B)

    तंजौर शैली

  3. (C)

    मुगल और कंपनी शैली

  4. (D)

    कांगड़ा शैली

व्याख्या

अलवर चित्रकला शैली को समझने की कुंजी उसका समय और स्थान है। यह शैली 18वीं-19वीं शताब्दी में विकसित हुई, जब अलवर की दिल्ली से निकटता के कारण मुगल प्रभाव स्वाभाविक रूप से दिखता था। 19वीं शताब्दी में इसमें कंपनी शैली, यानी ब्रिटिश औपनिवेशिक दौर की कला, के तत्व भी आए। दिए गए संदर्भ में अलवर के प्रशासनिक प्रयोगों को भी मुगल ढंग और औपनिवेशिक विचारों से जुड़ा बताया गया है; यही व्यापक ऐतिहासिक पृष्ठभूमि इस विकल्प को मजबूत करती है। इसलिए अलवर शैली में बारीक विस्तार, हाथीदाँत पर लघु चित्र, शिकार दृश्य और दरबारी जीवन के चित्रण के साथ मुगल और कंपनी स्कूल का संयुक्त प्रभाव माना जाता है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) बंगाल शैली 20वीं शताब्दी के आरंभ में विकसित हुई, जबकि अलवर शैली का विकास 18वीं-19वीं शताब्दी के संदर्भ में समझा जाता है।
  • (B) तंजौर शैली तमिलनाडु से जुड़ी चित्रकला परंपरा है, इसलिए अलवर की दिल्ली-निकटता और 19वीं शताब्दी के मुगल-औपनिवेशिक प्रभाव को नहीं समझाती।
  • (D) कांगड़ा शैली हिमाचल प्रदेश की पहाड़ी शैली है, जबकि अलवर शैली का प्रमुख संदर्भ दिल्ली से निकटता के कारण मुगल प्रभाव और बाद में कंपनी शैली के तत्व हैं।

अवधारणा

यह प्रश्न राजस्थान की क्षेत्रीय चित्रकला शैलियों में बाहरी प्रभावों की पहचान परखता है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि कला-शैली, राजदरबार और 18वीं-19वीं शताब्दी की राजनीतिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि आपस में जुड़ी रहती है।

स्रोत

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